देश की सबसे बड़ी चर्चा, अयोध्या से क्यों हारी भाजपा

लोकसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद अब हार और जीत पर मंथन शुरू हो गया है. स्थानीय जनता चाय की दुकान व पान की दुकान पर अब चर्चा कर रहे हैं कि आखिर अयोध्या जैसी सीट पर भाजपा क्यों हारी. केंद्र और प्रदेश सरकार ने अयोध्या में विकास की गंगा बहाई, राम मंदिर बना, एयरपोर्ट बना, अंतरराष्ट्रीय स्तर का अयोध्या धाम का रेलवे स्टेशन बना, राम पथ बना और राम की पैड़ी की सुंदरता बढ़ाई गई तो फिर आखिर फैजाबाद लोकसभा से भाजपा क्यों हारी?

जनता की बातों को अनसुना करना, बीजेपी प्रत्याशी लल्लू सिंह का अभिमान उनको ले डूबा. 2019 के चुनाव में जब लल्लू सिंह जीते तो लोगों से यही कहते सुने गए कि आप लोगों ने मोदी को वोट दिया मुझे नहीं. राम पथ का निर्माण हुआ जिसमें हजारों दुकानें और मकान तोड़ी गई, लेकिन उन्हें उचित मुआवजा नहीं दिया गया. नजूल की जमीन पर बने दुकान और मकान का मुआवजा उनको नहीं दिया गया. जब स्थानीय जनता अपने जनप्रतिनिधी लल्लू सिंह के पास जाती थी तो कहते थे यह मामला सरकार का है. जातिवाद इस चुनाव में हावी रहा.

मोदी

स्थानीय निवासी लोकनाथ सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश की राजनीतिक जाति और धर्म के इर्द-गिर्द घूम रही है. इस चुनाव में जातिवादी हावी रहा, न मंदिर का मुद्दा चल न विकास का मुद्दा चला और न महंगाई का मुद्दा चला, केवल धर्म और जातिवाद इस चुनाव में हावी रहा. वहीं दूसरी तरफ मेराज खान का कहना है लल्लू सिंह ने कभी जनता की आवाज नहीं सुनी, जब भी जनता उनके पास गई लल्लू सिंह ने उनकी आवाज नहीं सुनी। उनकी आवाज को अनसुना कर दिया गया. राम पथ निर्माण के दौरान जब दुकान और मकान तोड़े गए तो मुआवजे के लिए जब अपने जनप्रतिनिधि के पास जनता जाती है तो यह कहकर नकार देते हैं कि यह मामला सरकार का है तो फिर सरकार के पास कौन जाएगा. जनता या जनप्रतिनिधि ही तो जायेगा. जनता ने भाजपा को सबक सिखाया.

स्थानीय निवासी अजय तिवारी का मानना है कि अग्निवीर योजना और किसान आंदोलन, नोटबंदी, जीएसटी एक साथ कई कड़े फैसले भाजपा ने लिए जो हार का कारण बनी. ऐसे फैसले जनता को नागवार गुजरे. व्यापारी अजय यादव ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर बना, विकास भी हुआ, यह सब कुछ ठीक है लेकिन राम पथ के निर्माण के दौरान गरीब दुकानदारों की दुकानें तोड़ी गई उनको उचित मुआवजा नहीं दिया गया. पटरी दुकानदारों को डंडे से मार कर भगाया गया.

यही सब वजह है कि गरीब तबके ने लल्लू सिंह को वोट नहीं दिया. गरीब लोगों के पास उनका वोट ही सबसे बड़ा हथियार होता है और वही जनता ने किया. जनता ने भाजपा को सबक सिखाया है. वहीं कुछ जनता लल्लू सिंह के हार पर दुखी भी हैं. स्थानीय निवासी रमेश ने बताया कि सब कुछ करने के बाद भी बीजेपी हार गई. उन्हें इस बात का दुख है कि लल्लू सिंह हार गए, लेकिन कहीं ना कहीं कुछ कमी जरूर रह गई.

यह चुनाव परिणाम अयोध्या की जनता का मूड बताता है. जनता ने अपने वोट से यह साबित कर दिया कि वे अब किसी के बहकावे में नहीं आने वाले. वे अपने हितों के लिए लड़ने वाले हैं. भाजपा की हार के पीछे कई कारण हैं, लेकिन मुख्य कारण जनता की उपेक्षा है. जनता की आवाज को अनसुना करना और उनके हितों की उपेक्षा करना भाजपा के लिए घातक साबित हुआ.

अब देखना यह है कि भाजपा इस हार से क्या सबक लेती है. क्या वे अपनी गलतियों से सीख लेंगे और जनता के हितों की रक्षा करेंगे. अगर ऐसा होता है तो फिर से भाजपा की वापसी हो सकती है. लेकिन अगर वे अपनी गलतियों से सीख नहीं लेते हैं तो फिर से हार का सामना करना पड़ेगा.

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