बस्ती। जिले में दर्ज एक कथित हत्या के मामले में उस समय बड़ा मोड़ आ गया जब जिस युवक को मृत बताकर हत्या का मुकदमा दर्ज कराया गया था, वह पुलिस को सकुशल जीवित मिल गया। वाल्टरगंज पुलिस और सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई ने महज 72 घंटे के भीतर पूरे मामले का खुलासा कर दिया।
जानकारी के अनुसार न्यायालय के आदेश पर एक व्यक्ति की कथित हत्या और धमकी देने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया था। शिकायत में दावा किया गया था कि युवक इरफान की हत्या कर दी गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए वाल्टरगंज पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की और सर्विलांस टीम को भी लगाया गया।
पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों की सहायता से जांच को आगे बढ़ाया। लगातार प्रयासों के बाद पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले, जिनके आधार पर इरफान को मानिकचंद चौराहे के पास से सकुशल बरामद कर लिया गया।
इरफान के जीवित मिलने के बाद पूरे मामले में नया मोड़ आ गया। पुलिस विवेचना में कथित हत्या का दावा पूरी तरह गलत साबित हुआ। इसके साथ ही हत्या की कहानी पर पूर्ण विराम लग गया और मामले से जुड़ी कई परतें भी खुलकर सामने आ गईं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार जांच के दौरान प्राप्त तकनीकी साक्ष्यों और तथ्यों ने यह स्पष्ट कर दिया कि युवक की हत्या नहीं हुई थी। मामले की निष्पक्ष और सटीक जांच के चलते निर्दोष लोगों को बड़ी राहत मिली है।
इस पूरे खुलासे में वाल्टरगंज थाना प्रभारी निरीक्षक सूर्य प्रकाश सिंह तथा सर्विलांस टीम की भूमिका महत्वपूर्ण रही। पुलिस की सक्रियता, सतर्कता और प्रभावी विवेचना के चलते महज 72 घंटे के भीतर मामले का सफल अनावरण कर लिया गया।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि मामले से संबंधित सभी तथ्यों की गहन जांच की जा रही है तथा आवश्यक कानूनी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।












