मिडिल ईस्ट में ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच जारी तनाव अब खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। जंग के 20वें दिन हालात और ज्यादा बिगड़ते नजर आ रहे हैं। ताजा घटनाक्रम में ईरान ने कतर में स्थित दुनिया के सबसे बड़े लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) प्लांट को निशाना बनाते हुए मिसाइल हमला किया है, जिससे पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
दरअसल, बुधवार को इजरायल ने ईरान के सबसे बड़े गैस भंडार साउथ पार्स गैस फील्ड पर हमला किया था। यह फील्ड ईरान की ऊर्जा सप्लाई का मुख्य आधार मानी जाती है। इस हमले को ईरान ने अपनी आर्थिक और रणनीतिक ताकत पर सीधा वार माना और इसके जवाब में कतर के LNG प्लांट पर हमला कर दिया।
कतर का यह LNG प्लांट वैश्विक ऊर्जा सप्लाई में अहम भूमिका निभाता है। यहां से बड़ी मात्रा में गैस दुनिया के कई देशों को निर्यात की जाती है। ऐसे में इस हमले ने सिर्फ क्षेत्रीय ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी चिंता बढ़ा दी है।
इसी बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस पूरे मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इजरायल अब ईरान के साउथ पार्स गैस क्षेत्र पर आगे कोई हमला नहीं करेगा। हालांकि, उन्होंने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कतर पर दोबारा हमला किया गया, तो अमेरिका सख्त जवाबी कार्रवाई करेगा और पूरे क्षेत्र को तबाह कर सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह संघर्ष जल्द नहीं रुका, तो इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गंभीर रूप से पड़ सकता है। ऊर्जा आपूर्ति बाधित होने से तेल और गैस की कीमतों में भारी उछाल आ सकता है, जिससे 2008 के आर्थिक संकट और कोविड-19 महामारी से भी बड़ा संकट खड़ा होने की आशंका जताई जा रही है।
फिलहाल, पूरी दुनिया की नजरें मिडिल ईस्ट पर टिकी हुई हैं, जहां हर पल हालात और ज्यादा तनावपूर्ण होते जा रहे हैं।















