जीवन को आसान बनाएं- नए जैसे चमकेंगे तांबा-पीतल के बर्तन:5 घरेलू टिप्स, इन कारणों से चमक होती फीकी, बरतें 4 सावधानियां

हमारे घरों में पूजा-पाठ से लेकर शादी-ब्याह व त्योहारों जैसे खास मौकों पर तांबे और पीतल के बर्तनों का ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है। ये बर्तन न केवल धार्मिक दृष्टि से शुद्ध और पवित्र माने जाते हैं, बल्कि इनकी चमक भी हमें अपनी ओर आकर्षित करती है। लेकिन इन बर्तनों की देखभाल और साफ-सफाई आसान नहीं होती है।

समय के साथ इन बर्तनों पर दाग, धूमिलपन और हरी परत जमने लगती है, जिससे इनकी सुंदरता कम हो जाती है। अगर सही तरीके से इनकी सफाई न की जाए तो ये बर्तन जल्दी अपनी चमक खो देते हैं। हालांकि थोड़ी-सी सावधानी और कुछ आसान घरेलू नुस्खों की मदद से इन बर्तनों को फिर से नए जैसा चमकाया जा सकता है।

तो चलिए, आज ‘जीवन को आसान बनाएं’ कॉलम में हम तांबा-पीतल के बर्तनों की सफाई के असान घरेलू उपायों के बारे में बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि-

  • तांबा-पीतल के बर्तनों की चमक जल्दी क्यों फीकी पड़ती है?
  • इनकी सफाई में किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

सवाल- तांबा-पीतल के बर्तनों की चमक जल्दी क्यों फीकी पड़ती है और इससे कैसे बचा जा सकता है?

जवाब- तांबा-पीतल के बर्तनों की चमक जल्दी फीकी पड़ने की मुख्य वजह ऑक्सीकरण (Oxidation) और नमी या धूल-मिट्टी के संपर्क में आना है। ऑक्सीकरण प्रक्रिया में हवा और नमी के संपर्क में आने पर इन बर्तनों की सतह पर एक हरी या काली परत जम जाती है, जिससे इनकी चमक कम हो जाती है।

इसके अलावा गलत तरीके से सफाई करना, हार्ड केमिकल का इस्तेमाल या गीले बर्तन को तुरंत न पोंछना भी इनके रंग और चमक को बिगाड़ देता है। तेल, मसाले और खट्टे पदार्थों के लगातार संपर्क से भी इनकी सतह धूमिल हो जाती है। इससे बचने के लिए कुछ बातों का ध्यान रखें। इसे नीचे दिए ग्राफिक से समझिए-

सवाल- तांबा-पीतल के बर्तनों को घर पर आसानी से कैसे चमकाया जा सकता है?

जवाब- इसके लिए कई घरेलू उपाय हैं, जो न सिर्फ आसान हैं, बल्कि केमिकल-फ्री भी हैं। नीचे दिए ग्राफिक से इसे समझिए-

सवाल- तांबा-पीतल के बर्तनों की सफाई में किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

जवाब- इसके लिए कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। जैसेकि-

  • बेहतर रिजल्ट के लिए कॉपर क्लीनिंग पाउडर (पीतांबरी) का इस्तेमाल करें। यह पूरी तरह से सुरक्षित है।
  • तांबे और पीतल के बर्तनों को हाथ से साफ करें। डिशवॉशर का इस्तेमाल न करें क्योंकि डिशवॉशर में इस्तेमाल होने वाला डिटर्जेंट ऑक्सीडेशन का कारण बन सकता है।
  • स्टील वूल जैसे खुरदरे क्लीनर का इस्तेमाल न करें क्योंकि इससे बर्तनों की सतह पर खरोंच आ सकती है।
  • इस्तेमाल के बाद बर्तनों पर लगा हुआ पानी सूखे कपड़े से तुरंत पोंछ दें ताकि उस पर नमी न बनी रहे।
  • हार्श केमिकल का इस्तेमाल न करें। इससे बर्तन की सतह खराब हो सकती है।

सवाल- तांबा-पीतल के बर्तनों की साफ-सफाई कितने दिनों में की जानी चाहिए?

जवाब- इन बर्तनों की सफाई आमतौर पर हर 10-15 दिन में करनी चाहिए ताकि उन पर जमी धूल, दाग या हरी परत बनने से रोका जा सके। अगर बर्तन रोजाना इस्तेमाल होते हैं तो सप्ताह में एक बार हल्की सफाई करना बेहतर है। सजावट के बर्तन, जिन्हें कम इस्तेमाल किया जाता है, उन्हें भी कम-से-कम महीने में एक बार जरूर साफ करें ताकि उनकी चमक बनी रहे।

सवाल- क्या बार-बार रगड़ने से तांबे-पीतल की परत उतर जाती है? अगर हां, तो इससे कैसे बचें?

जवाब- हां, बहुत ज्यादा स्क्रबिंग करने या रोजाना विनेगर और नींबू जैसी एसिडिक चीजों से सफाई करने पर तांबा-पीतल की सतह धीरे-धीरे पतली होने लगती है और उसकी नेचुरल चमक खत्म हो सकती है। इससे बचने के लिए रोजाना बस हल्के गुनगुने पानी और मुलायम कपड़े से सफाई करें। नींबू-सोडा या सिरका-नमक जैसे उपाय हफ्ते में एक बार या जरूरत होने पर ही करें।

सवाल- तांबा-पीतल के बर्तन स्टोर करते समय किन बाताें का ध्यान रखें?

जवाब- इन बर्तनों को स्टोर करते समय उन्हें पहले अच्छी तरह धोकर पूरी तरह सुखा लें। फिर इन्हें सूती कपड़े में लपेटकर रखें, जिससे खरोंच और धूल से बचाव हो सके। इन्हें नमी या सीधी धूप वाली जगह पर रखने से बचें। अगर लंबे समय तक स्टोर करना हो तो उन पर हल्की वैसलीन या नारियल तेल की पतली परत लगाकर रखें ताकि उनकी चमक लंबे समय तक बनी रहे।

सवाल- पीतल के बर्तनों में दूध या खट्टी चीजें रखना सुरक्षित है?

जवाब- नहीं, पीतल खट्टी चीजों के संपर्क में आने पर रासायनिक प्रतिक्रिया करता है, जिससे टॉक्सिक कंपाउंड्स बन सकते हैं। दूध, दही, अचार, इमली या नींबू जैसी चीजें कभी भी पीतल या तांबे के बर्तन में स्टोर न करें। यह न केवल स्वाद खराब करेगा, बल्कि सेहत के लिए भी नुकसानदायक हो सकता है।

सवाल- क्या तांबे के बर्तन में रातभर पानी रखना सुरक्षित है?

जवाब- हां, यह आयुर्वेदिक दृष्टिकोण से सुरक्षित और लाभदायक है। तांबे के बर्तन में रातभर रखा पानी ‘ताम्रजल’ कहलाता है, जो पाचन, स्किन और इम्यून सिस्टम के लिए फायदेमंद माना गया है। हालांकि ध्यान रखें कि बर्तन अच्छी तरह साफ हो और उस पर कोई हरी या काली परत न जमी हो। अगर बर्तन समय पर साफ न किया जाए तो पानी में नुकसानदायक तत्व मिल सकते हैं।

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Bindesh Yadav
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