आर्य समाज नई बाजार बस्ती द्वारा आयोजित वेद प्रचार सप्ताह के अंतर्गत प्रधानाचार्य योगेश शुक्ल के नेतृत्व में बच्चों ने अपने धर्म संस्कृति के बारे में जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर आचार्य विश्वव्रत ने बच्चों को बताया कि एक निश्चित सीमा रेखा से घिरे भूभाग को देश कहते हैं। इसकी रक्षा सैनिक करते हैं।

एक भाषा, एक भाव, एक लक्ष्य , एक संस्कृति से बंधे हुए जनसमूह के भूभाग राष्ट्र कहते हैं। इसकी रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य होता है। इस प्रकार सबके लिए राष्ट्र सर्वोपरि होता है। स्वामी श्रद्धानंद और सुरेन्द्र आर्य ने बच्चों को भजनोपदेश के माध्यम से उचित आहार विहार व विचार की शिक्षा दी।
कार्यक्रम का संचालन देवव्रत आर्य ने किया। अतिथियों के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करते हुए प्रधानाचार्य योगेश शुक्ल ने कहा कि आर्य समाज अपनी सेवा के 150वर्षों में आज तक सबसे ज्यादा कार्य किया है। शिक्षा में क्रांति के लिए गुरुकुल और डी ए वी कॉलेज खोले।

गौरक्षा के लिए गौशाला के अलावा अनाथालय, अस्पताल, धर्मशाला और बहन बेटियों की रक्षा के लिए आर्य वीर दल की स्थापना की। महर्षि दयानन्द ने केवल इक्यावन वर्षों की सेवा और तप से देश की दशा और दिशा बदल दी। वेदों और आर्ष ग्रन्थों का अध्ययन कर सत्यार्थ प्रकाश नाम पुस्तक की रचना की और बताया

कि वेद सब सत्य विद्याओं की पुस्तक है, वेद का पढ़ना पढ़ाना सब आर्यों का परम धर्म है। उन्होंने वेदों की ओर लौटो का नारा देकर संपूर्ण विश्व को कृण्वन्तो विश्वमार्यम का संदेश दिया। सामाजिक बुराइयों सती प्रथा, मद्यपान, पाखण्ड, छुआछूत, बाल विवाह, आदि को दूर करते हुए आर्य समाज ने विश्व को राह दिखाई। इस अवसर पर गरुण ध्वज पाण्डेय देवेन्द्र तिवारी, राजेश, सुनील त्रिवेदी, अनुराधा, प्रियंका श्रीवास्तव, प्रियंका त्रिपाठी,बलवीर, उमेश श्रीवास्तव आदि शिक्षक सम्मिलित रहे।
गरुण ध्वज पाण्डेय















