12 फरवरी को एकता की अनोखी मिसाल देखने को मिलेगी जब श्रमिक,खेतिहर मजदूर,किसान, युवा,छात्र ,महिलाएं और सभी शोषित जनता का बड़ा हिस्सा देश भर में भारी संख्या में सड़कों पर भाजपा के नेतृत्व वाली एन डी ए सरकार की श्रमिक और किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ सड़को पर आयेंगे।
सीटू सहित केंद्रीय मजदूर यूनियनों तथा संयुक्त किसान मोर्चा ने 12 फरवरी को अखिल भारतीय आम हड़ताल का आवाहन किया है। यह हड़ताल चार श्रम संहिता जिसके जरिए लड़ कर पाए यूनियन बनाने का अधिकार,8 घंटे काम का अधिकार,न्यूनतम वेतन पाने का अधिकार सहित सामूहिक बारगेनिंग के अधिकार खत्म किए गए है को रद्द किए जाने की मांग शामिल है।
इसके साथ ही मनरेगा कानून जिसमें काम के आधार पर फंड देने का अधिकार था को समाप्त किए जाने,राज्यों पर बड़ा वित्तीय बोझ डाले जाने, कागजी 125 दिन का काम देने की घोषणा वाले वी बी ग्राम जी कानून को रद्द करते हुए मनरेगा कानून की बहाली शामिल है।
इसी प्रकार भारतीय किसानों के लिए आत्मघाती भारत अमेरिका समझौते को रद्द किए जाने,फसलों पर सी 2 फार्मूले के तहत एमएसपी की कानूनी गारंटी दिए जाने,बिजली विधेयक ,बीज विधेयक वापस लिए जाने सहित अन्य मांग शामिल है।
इन मुद्दों को लेकर देश की जनता का बड़ा हिस्सा पहले से ही आंदोलन में है।
हम मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी सहित सभी बाम दलों की ओर से बस्ती जनपद में मजदूर किसान संगठनों की होने वाली संयुक्त हड़ताल और आंदोलन का समर्थन करते है और आम जनता से अपील करते है कि भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली एन डी ए सरकार की मजदूर,किसान,छात्र,युवा विरोधी नीतियों के खिलाफ 12 फरवरी को होने वाले देश व्यापी आंदोलन के साथ एक जुटता प्रदर्शित करते हुए भागीदारी करे।….के के तिवारी .माकपा,भाकपा,भाकपा(माले) की ओर से














