उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर से एक बेहद भावुक करने वाला वीडियो सामने आया है।
यहाँ एडीएम अरविंद कुमार के दफ्तर में उनके पिता राधेराम अचानक पहुँच गए।
वाराणसी से आए राधेराम, अपने बेटे से तैनाती के बाद पहली बार मिलने पहुँचे थे। ऑफिस में दाखिल होते ही उन्होंने आम फरियादी की तरह बेटे को नमस्कार किया।
सामने पिता को देखकर एडीएम अरविंद कुमार भौंचक रह गए।
पिता ने बेटे को नसीहत दी – “बेटा, जिस कुर्सी पर बैठा हो, यह न्याय की कुर्सी है। किसी गरीब की हाय मत लेना, रिश्वत मत लेना, डुप्लीकेट काम मत करना और गरीबों की हमेशा मदद करना। जैसे भगवान के घर न्याय होता है, वैसे ही यहां भी न्याय करना।
इस भावुक पल में अरविंद कुमार ने पिता को सम्मान देते हुए अपने बराबर की कुर्सी पर बिठाया और उनकी हर बात ध्यान से सुनी।
राधेराम ने बातचीत के दौरान कहा – मैं अंगूठा छाप हूँ, लेकिन अपने बच्चों को पढ़ाने में कोई कमी नहीं रखी। आर्थिक तंगी रही लेकिन शिक्षा से समझौता नहीं किया।
एडीएम अरविंद कुमार की पढ़ाई बनारस, इलाहाबाद और दिल्ली में हुई। उनकी मां का 2018 में निधन हो गया था। इस समय वे शाहजहांपुर में अपनी पत्नी सौम्या के साथ रहते हैं।
अरविंद कुमार 2013 में पीसीएस में सेलेक्ट हुए थे। पहली पोस्टिंग कुशीनगर में एसडीएम के रूप में हुई। उसके बाद सुल्तानपुर, बहराइच और अब शाहजहांपुर में एडीएम वित्त एवं राजस्व के पद पर तैनात हैं।
पिता और बेटे का यह भावुक मिलन और पिता की सीख अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है।

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