ये अमेरिकी गुंडई है. अमेरिका के लिए कोई कायदा-क़ानून नहीं है. और उसकी गुंडई के खिलाफ हमारे महामानव बोलेंगे नहीं। आप देखिएगा, कुछ अनपढ़ नल्ले-दल्ले इसका भी समर्थन करेंगे।
अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का आज पांचवां दिन है। अमेरिका ने भारत से लौट रहे एक ईरानी युद्धपोत IRIS देना को श्रीलंका के पास हमला कर डुबा दिया है। हमले में अब तक 87 ईरानी नौसैनिक मारे गए हैं। यह जानकारी श्रीलंकाई सरकार ने दी है। श्रीलंका की नेवी ने 32 घायल नौसैनिकों का रेस्क्यू कर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया है। जहाज पर लगभग 180 नौसैनिक सवार थे। लापता नौसैनिकों की तलाश के लिए सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। यह ईरानी युद्धपोत पिछले महीने भारत के विशाखापट्टनम में आयोजित 2026 इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू में हिस्सा लेकर लौट रहा था।
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने बताया कि हिंद महासागर में अमेरिकी पनडुब्बी ने ईरानी जहाज को टॉरपीडो से निशाना बनाकर डुबा दिया। भारत ने इस पोत “IRIS देना” का वेलकम किया था. ईरान-भारत दोस्ती की दुहाई दी थी. अब हमारे कर्णधारों ने ईरान को पीठ दिखा दी है. अमेरिकी हमले पर एकदम चुप्पी है. कोई दीन-ईमान है कि नहीं?
समुद्री क़ानून का सरासर उल्लंघन-
अंतराष्ट्रीय जल क्षेत्र (Open Seas/High Seas) वे समुद्री क्षेत्र हैं जो किसी भी देश के प्रादेशिक जल (तट से 12 समुद्री मील) या विशेष आर्थिक क्षेत्र से आगे होते हैं, जहां सभी देशों को नौकायन और उपयोग की स्वतंत्रता है। यहाँ संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून सम्मेलन (UNCLOS) लागू होता है। सामान्य परिस्थितियों में यहाँ किसी जहाज पर हमला करना गैरकानूनी और अवैध है, क्योंकि ये क्षेत्र कानून विहीन नहीं हैं।
अंतर्राष्ट्रीय जल क्षेत्र में हमला कब उचित है?
आम तौर पर, अंतर्राष्ट्रीय जल क्षेत्र में जहाजों पर हमला करना अवैध है, लेकिन कुछ असाधारण परिस्थितियों में, जब जहाज शत्रुतापूर्ण गतिविधियों में शामिल हो, तो उन पर कार्रवाई की जा सकती है:
आत्मरक्षा: जब कोई हमला तुरंत, आवश्यक और आनुपातिक हो।
समुद्री डकैती: यदि जहाज पर डकैती का संदेह हो।
गुलामों का व्यापार: यदि जहाज मानव तस्करी में शामिल हो।
अवैध प्रसारण: यदि जहाज अनधिकृत प्रसारण (radio/TV) कर रहा हो।
नागरिकता विहीन (Stateless) जहाज: यदि किसी जहाज पर कोई ध्वज न हो।
सशस्त्र संघर्ष: युद्ध की स्थिति में, यदि तटस्थ व्यापारिक जहाज दुश्मन को सामग्री पहुंचा रहे हों, तो उन पर हमला किया जा सकता है।












