बस्ती। जनपद के गौर थाना क्षेत्र से एक मामला सामने आया है, जिसने स्थानीय स्तर पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्षेत्र में चर्चा है कि गैर-जमानती वारंट (NBW) से संबंधित एक वारंटी, विजय शुक्ला उर्फ कौशलेंद्र, को पुलिस द्वारा शाम के समय थाने लाया गया था। हालांकि स्थानीय लोगों का दावा है कि उसे रात करीब 9 बजे थाने से छोड़ दिया गया।
मामले को लेकर थाना प्रभारी अतुल अंजान तथा संबंधित हल्का उपनिरीक्षक के.एन. तिवारी पर गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। हालांकि इन आरोपों की अभी तक किसी भी स्तर पर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और न ही पुलिस प्रशासन की ओर से कोई औपचारिक बयान जारी किया गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि किसी वारंटी को थाने में कई घंटों तक बैठाने के बाद छोड़ दिया गया है, तो इसकी परिस्थितियों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। मामले को लेकर क्षेत्र में पुलिस की कार्यप्रणाली पर तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं।
ग्रामीणों का यह भी कहना है कि पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने लाने के लिए थाने के CCTV फुटेज की जांच की जानी चाहिए। उनका मानना है कि फुटेज सामने आने पर यह स्पष्ट हो सकेगा कि संबंधित व्यक्ति को थाने में कब लाया गया और उसके साथ आगे क्या कार्रवाई की गई।
बताया जा रहा है कि परासडीह रेहरवा गांव से जुड़े इस मामले ने गौर थाना पुलिस की कार्यशैली पर कई प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन से निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच की मांग की है ताकि वास्तविक तथ्यों का पता चल सके और यदि किसी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता हुई हो तो उसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जा सके।
फिलहाल, मामले की आधिकारिक पुष्टि और जांच के निष्कर्षों का इंतजार किया जा रहा है।











