साहिबाबाद। जेल से रिहा होने के बाद मसूरी नहर में मृत मिला गिरधर बिष्ट जिंदा वापस लौट आया है। गौरतलब है कि नहर में मिले शव की स्वजन ने गिरधर बिष्ट के रूप में पहचान की थी। यही नहीं परिवार की मांग पर पुलिस ने शव का दो बार पोस्टमार्टम कराया था।
गिरधर बिष्ट के हत्या के आरोप में उसके परिवार की तहरीर पर मसूरी थाने में सात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा भी दर्ज हुआ था।
अब गिरधर के जीवित लौटने पर पुलिस जांच में जुट गई है। अब उसकी वापसी के बाद बड़ा सवाल ये है कि नहर में मिला शव गिरधर का नहीं था तो किसका था, जिसका दो बार पोस्टमार्टम होने के बाद अंतिम संस्कार भी कर दिया गया।
पुलिस अब पूरे मामले की जांच में जुटी है। गिरधर बिष्ट मां के साथ कौशांबी क्षेत्र की कल्पना सोसाइटी में रहता है। वह मानसिक रूप से कमजोर बताया जा रहा है।
पुलिस ने गिरधर को 17 मई को शांतिभंग में जेल भेजा था। 21 मई को निजी मुचलके पर रिहा होने के बाद वह लापता हो गया था। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट में शारीरिक चोटों की पुष्टि नहीं हुई थी। चिकित्सकों के पैनल ने जांच के लिए बिसरा सुरक्षित रखा है।
बता दें कि वैशाली सेक्टर-पांच निवासी 40 वर्षीय गिरधर बिष्ट को कौशांबी थाना पुलिस ने 17 मई को मारपीट के मामले में जेल भेजा था। एसीपी के न्यायालय से 21 मई को निजी मुचलके पर जेल से रिहा करने का आदेश जारी हुआ।
21 मई को जेल से रिहा होने के बाद गिरधर बिष्ट लापता हो गए। स्वजन ने मसूरी थाने में उनकी गुमशुदगी दर्ज कराई। 12 जून को गिरधर का शव मसूरी नहर में मिला।
पहली बार हुए पोस्टमार्टम की रिपोर्ट में डूबने से मौत का कारण बताया गया था। स्वजन ने मामले में गिरधर की हत्या का आरोप लगाते हुए सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया था। मांग के बाद 14 जून रविवार को शव का चिकित्सकों के पैनल से दोबारा पोस्टमार्टम करवाया गया था।










