गौर पुलिस के दो दावे, एक सवाल — सच कौन सा?
टिनिच बाजार मारपीट कांड के मुख्य आरोपी राधेश्याम यादव की फरारी को लेकर गौर पुलिस खुद ही सवालों के घेरे में आ गई है।
थानाध्यक्ष का दावा — कोई आरोपी फरार नहीं हुआ, सिर्फ एक आरोपी को हिरासत में लेकर न्यायालय भेजा गया।
वहीं चौकी प्रभारी वीरेंद्र कुंवर का बयान — आरोपी को घर से लाते समय रास्ते में वह फरार हो गया।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब गंभीर धाराओं में वांछित आरोपी पुलिस की मौजूदगी में फरार हुआ, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी है?
अगर कोई फरार नहीं हुआ तो चौकी प्रभारी का बयान गलत क्यों? और अगर आरोपी सचमुच फरार हुआ तो पुलिस अभिरक्षा से भागने का जिम्मेदार कौन? क्या फरारी पर पर्दा डालने की कोशिश हो रही है?
गंभीर अपराध के आरोपी को लेकर पुलिस के विरोधाभासी बयानों ने पूरे मामले को और संदिग्ध बना दिया है। जनता जानना चाहती है कि आखिर सच क्या है और लापरवाही किसकी है?











