बस्ती में दलित नेता पर कथित मारपीट के खिलाफ 25 सितंबर को नेहरू चौराहा पर अनिश्चितकालीन अनशन, अंकुर गौतम ने किया आह्वान
बस्ती:- उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में बहुजन मुक्ति पार्टी (बीएमपी) के जिला अध्यक्ष आर.के. आरतियन पर बस्ती पुलिस द्वारा कथित रूप से की गई बर्बरता के खिलाफ सामाजिक न्याय के योद्धा मैदान में उतर आए हैं। समाजवादी बाबा साहब अंबेडकर वाहिनी और समाजवादी पार्टी (एसपी) जनपद बस्ती के जिला उपाध्यक्ष अंकुर गौतम ने 25 सितंबर को नेहरू चौराहा पर अनिश्चितकालीन आमरण अनशन और धरने का ऐलान किया है।
इस आंदोलन का उद्देश्य चार सूत्रीय मांगों पर न्याय सुनिश्चित करना है, जिनमें आरतियन पर हुई मारपीट, जातिसूचक गालियों का इस्तेमाल और असंवैधानिक कार्रवाई को लेकर कार्रवाई शामिल है।
अंकुर गौतम ने एक भावुक अपील जारी करते हुए कहा, “हमारा भरपूर समर्थन होगा 25 तारीख को अनिश्चितकालीन आमरण अनशन किया जाएगा। बहुजन मुक्ति पार्टी के जिला अध्यक्ष आरके आरतियन जी को बस्ती पुलिस द्वारा आसंवैधानिक तरीके से संवैधानिक नियमों से ऊपर उठकर दलित नेता को मारना-पीटना, प्रताड़ित करना और जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करके गाली देना—यह सब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
उन्होंने बताया कि चार सूत्रीय मांगों को लेकर दूसरी बार ज्ञापन सौंपा गया, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई सुनवाई नहीं हुई। “न्याय संगत मांग को लेकर धरना बैठेंगे और न्याय न मिलने तक आंदोलनरत रहेंगे। अंततः न्याय न मिलने पर आत्मदाह करूंगा। उन्होंने आर के आरतियन से कहा घबराने की कोई जरूरत नहीं है, जब तक आपका भाई जिंदा है, आपके लिए आखिरी सांस तक लड़ेगा।”
यह घटना बस्ती जिले में दलित समुदाय के बीच गुस्से का कारण बनी हुई है। आर.के. आरतियन, जो बहुजन समाज के प्रमुख चेहरे हैं, पर पुलिस की कथित बर्बरता को लेकर स्थानीय स्तर पर बहुजन संगठनों में हड़कंप मच गया है। गौतम ने सभी समर्थकों, समाजसेवियों, अन्य दलों के नेताओं, क्रांतिकारी साथियों और जिला अध्यक्षों से अपील की है कि अधिक से अधिक संख्या में 25 सितंबर को सुबह 10 बजे नेहरू चौराहा, जिलाधिकारी मार्ग, बस्ती पहुंचें। “इस न्याय की लड़ाई में सामाजिक न्याय हित हेतु सहयोग करें और अपने अधिकारों के प्रति आवाज उठाएं।
उत्तर प्रदेश में दलित नेताओं पर पुलिस अत्याचार के मामले समय-समय पर सामने आते रहे हैं, लेकिन यह घटना स्थानीय स्तर पर एक बड़ा आंदोलन खड़ी करने वाली साबित हो रही है। यदि मांगें पूरी न हुईं, तो आंदोलन और तीव्र होने की चेतावनी दी गई है। बस्ती प्रशासन की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
news xpress live












