बस्ती। प्रदेशभर में चल रहे आंदोलन के समर्थन में महर्षि वशिष्ठ मेडिकल कॉलेज, बस्ती के जूनियर डॉक्टरों ने सोमवार को शांत और अनुशासित तरीके से धरना देकर मानदेय (प्रशिक्षण भत्ता) बढ़ाने की अपनी मांगों को मजबूती से उठाया। डॉक्टरों का कहना है कि वर्तमान में उन्हें मात्र 400 रुपये प्रतिमाह दिया जा रहा है, जो बढ़ती महंगाई और प्रशिक्षण के दौरान आने वाले खर्चों के मुकाबले बेहद कम है। उन्होंने बताया कि देश के कई राज्यों में यह मानदेय 1000 से 1400 रुपये तक है, जिससे यह असमानता और भी स्पष्ट हो जाती है।
धरना स्थल पर मौजूद डॉक्टरों ने बताया कि यह आंदोलन केवल बस्ती तक सीमित नहीं है, बल्कि केजीएमयू लखनऊ, बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर सहित प्रदेश के कई प्रमुख मेडिकल कॉलेजों के चिकित्सक इस मुद्दे को लेकर एकजुट हुए हैं। डॉक्टरों का कहना है कि वर्षों से मानदेय में कोई संशोधन नहीं हुआ, जबकि मेडिकल प्रशिक्षण के दौरान आर्थिक दबाव लगातार बढ़ते जा रहे हैं।
चिकित्सकों का कहना है कि मानदेय वृद्धि की मांग कई बार प्रशासन तक पहुँचाई गई, लेकिन अभी तक कोई सकारात्मक कदम देखने को नहीं मिला। डॉक्टरों ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका यह प्रयास पूरी तरह अहिंसात्मक और शांतिपूर्ण है और इसका उद्देश्य केवल अपनी वाजिब मांगों को सरकार तक मजबूती से पहुँचाना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि शासन इस विषम स्थिति को समझते हुए जल्द ही निर्णय लेगा।
डॉक्टरों ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र विचार नहीं किया गया, तो आंदोलन को अगली स्तर तक ले जाने पर विचार किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित विभागों की होगी। उधर, धरना स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही और पूरे कार्यक्रम के दौरान अनुशासन, संयम और एकजुटता देखने को मिली।










