यह अनोखी शादी कोच्चि के वीपीएस लेकशोर अस्पताल में हुई। हादसे की वजह से दुल्हन को रीढ़ की हड्डी में चोट आई, लेकिन दोनों परिवारों का हौसला और एक-दूसरे के लिए प्यार इतना मजबूत था कि उन्होंने तय किया-शादी आज ही होगी, चाहे मंडप अस्पताल ही क्यों न बने।
सुबह 3 बजे हुआ हादसा
दुल्हन अपनी दो रिश्तेदारों के साथ ब्राइडल मेकअप के लिए कुमारकोम जा रही थीं। रास्ते में ड्राइवर का नियंत्रण खो गया और कार पेड़ से जा टकराई। पहले उन्हें कोट्टयम मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, लेकिन रीढ़ की गंभीर चोट के चलते उन्हें स्पेशलाइज्ड ट्रीटमेंट के लिए 70 किमी दूर लेकशोर हॉस्पिटल शिफ्ट किया गया।
जैसे ही दूल्हे और उनके परिवार को हादसे की सूचना मिली, वे तुरंत अस्पताल पहुँचे। दोनों परिवारों ने निर्णय लिया-शादी टलेगी नहीं। डॉक्टरों से सलाह के बाद अस्पताल प्रशासन ने इमरजेंसी वॉर्ड में ही शादी की अनुमति दी।
असपताल बना मंडप
न कोई सजावट, न संगीत-बस डॉक्टर, नर्से और परिवारजन। फिर भी इस शादी में प्यार की खुशबू किसी महल से कम नहीं थी। दुल्हन जो अलप्पुझा के चेर्थला में बिशप मूर स्कूल में टीचर हैं-और दूल्हा-केवीएम कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर-ने अस्पताल के बेड से ही एक-दूसरे को जीवनभर साथ निभाने का वचन दिया।
यह कहानी सिर्फ एक शादी की नहीं… यह दो परिवारों की मजबूती, प्यार और जीवन के प्रति अटूट विश्वास की कहानी है।












