संत कबीर नगर – उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश भर के हजारों प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के मर्ज (विलय) और रसोइयों की छंटनी के फैसले के विरोध में समाजवादी पार्टी की महिला सभा ने ज़िला अध्यक्ष जयंतीरा यादव के नेतृत्व में ज़ोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर महामहिम राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा।
ज्ञापन में महिला सभा ने सरकार के फैसले को गरीब, पिछड़े और ग्रामीण बच्चों की शिक्षा के अधिकार का उल्लंघन बताया। उनका कहना था कि विद्यालयों के मर्ज से बच्चों को शिक्षा की बुनियादी सुविधाओं से वंचित किया जा रहा है और रसोइयों की छंटनी से लाखों महिलाओं की आजीविका पर संकट आ गया है।
इस मौके पर प्रदेश सचिव प्रिय पाटक भी उपस्थित रहीं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार समय रहते अपना फैसला वापस नहीं लेती तो समाजवादी पार्टी राज्यभर में उग्र आंदोलन करेगी।
- प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के मर्ज की प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से रोका जाए।
- हटाई गई सभी रसोइयों को पुनः बहाल कर नियमित नियुक्ति दी जाए, उन्हें सम्मानजनक मानदेय और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ा जाए।
- शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अनुसार, प्रत्येक बस्ती में 1 किमी के दायरे में प्राथमिक और 3 किमी के दायरे में उच्च प्राथमिक विद्यालय की सुविधा सुनिश्चित की जाए।
ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रमुख पदाधिकारियों ने कहा –
“बच्चों की शिक्षा और गरीब महिलाओं की आजीविका से समझौता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
इस अवसर पर प्रमुख रूप से उपस्थित रहीं:
प्रिय पाटक (प्रदेश सचिव), जयंतीरा यादव (जिला अध्यक्ष), अनीता (जिला सचिव), बबीता, मालती गौतम, डॉ. मालती शुक्ला यादव (प्रदेश सचिव), मन्नानाथ चौधरी, हनुमान कनौजिया, मोहम्मद अहमद, सैयद फिरोज, अशरफ, राहुल यादव बादल आदि।
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