अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 की वैश्विक थीम “योग फॉर हेल्दी एजिंग” को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से आयोजित प्रेस वार्ता में ओम प्रकाश आर्य जिला प्रभारी भारत स्वाभिमान समिति बस्ती ने कहा कि आधुनिक चिकित्सा विज्ञान ने मनुष्य की औसत आयु तो बढ़ा दी है, लेकिन सबसे बड़ी चुनौती स्वस्थ आयु को बढ़ाने की है। योग इस चुनौती का प्रभावी समाधान प्रस्तुत करता है, जिससे व्यक्ति बढ़ती उम्र में भी शारीरिक, मानसिक और सामाजिक रूप से सक्रिय एवं आत्मनिर्भर बना रह सकता है।

प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए इंडियन योग एसोसिएशन पूर्वी जोन के अध्यक्ष एवं स्वास्थ्य विशेषज्ञ प्रो. डॉ. नवीन सिंह ने कहा कि योग केवल रोगों के उपचार का माध्यम नहीं, बल्कि संपूर्ण जीवनशैली का विज्ञान है। उन्होंने कहा कि योग का उद्देश्य केवल लंबा जीवन देना नहीं, बल्कि ऐसा जीवन देना है जो ऊर्जा, संतुलन, मानसिक स्पष्टता और आत्मनिर्भरता से भरपूर हो।
कामना पाण्डेय जिला प्रभारी महिला पतंजलि योग समिति बस्ती ने बताया कि बढ़ती उम्र में संतुलन बिगड़ना और गिरने की घटनाएं गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बनती हैं। ताड़ासन और वृक्षासन जैसे योगाभ्यास शरीर के संतुलन एवं न्यूरो-मस्कुलर समन्वय को मजबूत बनाते हैं। उन्होंने आम जनमानस से अपने परिवार की महिलाओं और बच्चों सहित योग महोत्सव में सम्मिलित होने की अपील की।
सुभाष चन्द्र आर्य जिला प्रभारी पतंजलि योग समिति बस्ती ने कहा कि भ्रामरी प्राणायाम और ध्यान के नियमित अभ्यास से मानसिक तनाव कम होता है तथा स्मरण शक्ति और मानसिक एकाग्रता में वृद्धि होती है। इससे डिमेंशिया और भूलने की बीमारी जैसी समस्याओं के जोखिम को कम किया जा सकता है।
डॉ प्रवेश कुमार संरक्षक पतंजलि ने बताया कि कपालभाति, अनुलोम-विलोम और मंडूकासन जैसे योगाभ्यास मधुमेह, उच्च रक्तचाप और हृदय रोग जैसे गैर-संचारी रोगों के नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। आजीवन सदस्य भारत स्वाभिमान राजेश श्रीवास्तव कैलाशी ने बताया कि कार्यकर्ता घर घर जाकर लोगों को योग महोत्सव में सम्मिलित होने का निमंत्रण दे रहे हैं।

डॉ वीरेन्द्र त्रिपाठी महामंत्री पतंजलि योग समिति बस्ती ने बताया कि योग महोत्सव को भव्य रूप देने के लिए तहसील और ब्लाक स्तर पर योग प्रशिक्षकों को योग प्रोटोकॉल के सामूहिक प्रशिक्षण के लिए तैयार किया जा चुका है। प्रेस वार्ता में योगाचार्य गरुण ध्वज पाण्डेय ने बताया गया कि योग समाज के प्रत्येक वर्ग के लिए सुलभ है। बुजुर्गों, दिव्यांगजनों तथा उन लोगों के लिए जो जमीन पर बैठकर योग नहीं कर सकते, चेयर योग एक प्रभावी विकल्प है। पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने के लिए वज्रासन और पवनमुक्तासन के नियमित अभ्यास पर भी जोर दिया। उन्होंने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि योग को केवल 21 जून तक सीमित न रखें, बल्कि “योग 365” के संकल्प के साथ वर्ष के प्रत्येक दिन अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाएं।
गरुण ध्वज पाण्डेय










