जमीयत उलमा-ए-हिंद जिला देहरादून की बैठक में पदाधिकारियों ने कहा है कि कुर्बानी इस्लाम का एक अहम इबादती अमल है, जिसका मूल उद्देश्य अल्लाह की रजा और उसकी खुशी हासिल करना है। इसलिए इस धार्मिक कार्य को पूरी शांति, सफाई, कानून और शरई दायरे में रहकर अंजाम दिया जाए।
साथ ही गाय को राष्ट्रीय पशु का दर्जा दिलाने को प्रदेशभर में मुहिम चलाने का भी निर्णय लिया गया। इसके लिए जमीयत प्रदेशभर में इस मुहिम को चलाएगी। बताया कि जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग के बाद ही यहां पर इस मुहिम के लिए निर्णय लिया गया है।
आजाद कालोनी स्थित मदरसा दार ए अरकम में आयोजित बैठक में 28 मई को ईद-उल-अजहा (बकरीद) को लेकर मुस्लिम समाज के नाम महत्वपूर्ण अपील जारी की गई।
जमीयत उलेमा जिला देहरादून के अध्यक्ष मौलाना अब्दुल सलाम कासमी, शहर अध्यक्ष मुफ्ती अयाज़ ने कहा कि वर्तमान समय में देश और प्रदेश की परिस्थितियों को देखते हुए सभी मुसलमानों की जिम्मेदारी है कि वे ऐसा कोई कार्य न करें जिससे समाज में तनाव या विवाद की स्थिति पैदा हो।
जमीयत ने विशेष रूप से प्रशासन और पुलिस के दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। उन्होंने खुले स्थानों पर कुर्बानी से बचने की सलाह दी। कुर्बानी की फोटो और वीडियो इंटरनेट मीडिया पर साझा न करने की भी अपील की। सफाई व्यवस्था पर विशेष जोर देने को कहा।
साथ ही अफवाहों से बचने और भाईचारा बनाए रखने की अपील की। इस मौके पर जिला महासचिव हाफिज आबिद, मुफ्ती वासिल कासमी, मुफ्ती हुजैफा कासमी, मुफ्ती राशिद, मौलाना गुलशेर, मौलाना मुतायब, मुफ्ती अरशद आदि मौजूद रहे।












