
देश के कई हिस्सों में मानसून पूरी रफ्तार में है और इसी बीच मौसम विभाग ने महाराष्ट्र और कर्नाटक के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। लगातार हो रही वर्षा से जनजीवन प्रभावित हो रहा है। कई इलाकों में जलभराव, नदी-नालों में उफान और सड़क मार्गों पर यातायात बाधित होने जैसी स्थितियाँ सामने आ रही हैं।
महाराष्ट्र में हालात
महाराष्ट्र के कोकण, विदर्भ और मराठवाड़ा क्षेत्रों में पिछले दो दिनों से जोरदार बारिश हो रही है। मुंबई, ठाणे और रायगढ़ में सड़कों पर पानी भर गया है जिससे लोगों को आवागमन में दिक्कतें आ रही हैं। मुंबई लोकल ट्रेन, जिसे शहर की जीवनरेखा कहा जाता है, भी कुछ मार्गों पर धीमी गति से चल रही है।
पुणे और नासिक जिलों में भी बारिश ने रफ्तार पकड़ी है। घाटी क्षेत्रों में भूस्खलन की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने चौकसी बढ़ा दी है। ग्रामीण इलाकों में कई छोटे पुलों पर पानी चढ़ गया है और गांवों का संपर्क शहरों से टूट गया है।
कर्नाटक में बाढ़ जैसे हालात
कर्नाटक में तटीय और मलनाड क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। उडुपी, दक्षिण कन्नड़ और उत्तर कन्नड़ जिलों में लगातार हो रही बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं। बेलगावी और धारवाड़ में निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा है।
बेंगलुरु में भी बारिश ने रफ्तार पकड़ ली है। शहर के कई हिस्सों में जलभराव के कारण ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी हुई है। आईटी हब कहलाने वाला इलाका व्हाइटफील्ड और इलेक्ट्रॉनिक सिटी भी इससे प्रभावित है।

मौसम विभाग की चेतावनी
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अगले 48 घंटों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। महाराष्ट्र के रायगढ़, रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग और कर्नाटक के उडुपी, दक्षिण कन्नड़, चिकमंगलूर जिलों में भारी से अति भारी वर्षा की संभावना जताई गई है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र और अरब सागर से मिल रही नमी के कारण बारिश की तीव्रता बढ़ी है।
प्रशासन की तैयारी
दोनों राज्यों की सरकारें और आपदा प्रबंधन विभाग पूरी तरह से सतर्क हैं। महाराष्ट्र में NDRF की कई टीमें तैनात की गई हैं। वहीं, कर्नाटक में भी जिला प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत शिविर बनाए हैं।
स्कूलों और कॉलेजों को कई जगहों पर बंद रखने के आदेश दिए गए हैं ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। किसानों और मछुआरों को भी सतर्क रहने की अपील की गई है। समुद्र तट के पास मछुआरों को अगले कुछ दिनों तक समुद्र में न जाने की चेतावनी दी गई है।
आम जनता से अपील
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें और निचले इलाकों में रहने वाले परिवार सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट हो जाएं। बिजली गिरने और भूस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाओं से बचाव के लिए एहतियाती कदम उठाने की सलाह दी गई है।












