नागपुर और आसपास के इलाकों में सोमवार को अचानक मौसम ने करवट ली और तेज़ आंधी-तूफान के साथ जोरदार बारिश हुई। गरज-चमक के बीच हुई इस बारिश से लोगों को तेज़ गर्मी और उमस से राहत तो मिली, लेकिन कई जगहों पर जलभराव और पेड़ गिरने जैसी घटनाओं ने परेशानियाँ भी बढ़ा दीं।

अचानक बदला मौसम
सुबह से ही शहर में बादल छाए हुए थे और दोपहर तक वातावरण भारी उमस से भरा हुआ था। करीब तीन बजे के बाद तेज़ हवाओं के साथ आकाशीय बिजली चमकी और बारिश शुरू हो गई। कुछ ही मिनटों में बारिश इतनी तेज़ हो गई कि कई सड़कों पर पानी भर गया और ट्रैफिक बाधित हो गया।
यातायात और बिजली व्यवस्था पर असर
बारिश के दौरान कई जगह पेड़ उखड़ने और बिजली तार टूटने की घटनाएँ सामने आईं। इसके चलते शहर के कुछ हिस्सों में घंटों बिजली आपूर्ति बाधित रही। मुख्य सड़कों पर जाम की स्थिति बन गई और लोगों को दफ्तरों व बाज़ारों से घर लौटने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

“बारिश से राहत भी, परेशानी भी”
राहत और परेशानी दोनों
जहां एक ओर इस बारिश ने लंबे समय से झेल रही गर्मी से लोगों को राहत दी, वहीं दूसरी ओर अचानक हुई तेज़ बारिश ने आम जीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया। कई निचले इलाकों में पानी भरने से घरों में पानी घुस गया और लोगों को सामान सुरक्षित करने में मुश्किलें आईं।
मौसम विभाग की भविष्यवाणी
मौसम विभाग ने पहले ही नागपुर और विदर्भ क्षेत्र के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ वर्षा की संभावना जताई थी। विभाग का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र और नमी युक्त हवाओं के कारण मध्य भारत में बारिश की तीव्रता बढ़ी है। आने वाले 24 घंटों तक इसी तरह के मौसम की संभावना है।
प्रशासन अलर्ट पर
स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे आंधी-तूफान और बिजली गिरने के समय घरों से बाहर न निकलें। खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है। बिजली विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में सप्लाई बहाल करने में जुटी हुई हैं।












