2 साल तक देश सेवा करने वाले एक पूर्व सैनिक को पत्नी के अत्याचार का शिकार होना पड़ रहा। जब उसे देखभाल की आवश्यकता थी, उसकी पत्नी उसे कमरे में बंद करके कैद रखती थी।
इंसानियत को झकझोर देने वाले इस मामले में पत्नी ने बुजुर्ग पति को तीन माह से कमरे में बंद रखा हुआ था। पीड़ित को न तो समय पर खाना और न ही जीने लायक सुविधाएं दी जा रही थी। बुधवार को आसपास के लोगों की सूचना पर पुलिस ने दरवाजा तोड़कर उसे आजाद कराया तो उसके शरीर पर कोई वस्त्र भी नहीं था और इतना कमजोर हो चुका था कि स्वयं पैरों पर खड़ा भी नहीं हो पा रहा था।
आरोप है कि जम्मू के आरएसपुरा क्षेत्र निवासी पूर्व सैनिक शाम लाल को पत्नी ने उसे एक कमरे में बंद कर रखा था। कमरे में न रोशनी और न किसी हवा का प्रबंध था।
गर्मी के मौसम में वह उस कमरे में ही घुट रहा था। पड़ोसियों के अनुसार महिला प्रतिदिन सुबह पति को कमरे में बंद कर घर से चली जाती और शाम को लौटती। इस दौरान पूर्व सैनिक अंदर भूख-प्यास से तड़पता और मदद के लिए चिल्लाता रहता था। बुधवार को किसी ग्रामीण ने इस अमानवीय कृत्य की जानकारी मीरां साहिब थाना पुलिस को दी।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और कमरे का ताला तोड़कर शाम लाल को बाहर निकाला गया। बाहर निकालते वक्त उसकी हालत बेहद दयनीय थी। वह बेहद कमजोर था और पैरों पर खड़ा तक नहीं हो पा रहा था और शरीर पर कपड़े तक नहीं थे। पुलिस ने तुरंत उसे कपड़े पहनाए और इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया।
थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह ने बताया कि मौके पर पहुंचने पर व्यक्ति को बेहद खराब हालत में बंद पाया गया। घर पर पत्नी मौजूद नहीं थी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपी पत्नी के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है। पूछताछ के बाद ही ऐसा करने का कारण स्पष्ट होगा।














