बस्ती, 18 जून 2026। अमेरिकी सैन्य हमले में भारतीय नाविकों की मौत के विरोध में वाम मोर्चा के बैनर तले मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) तथा भाकपा (माले) के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बुधवार को प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने जुलूस निकालकर राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी बस्ती के माध्यम से प्रेषित किया।
ज्ञापन में भारत सरकार से घटना पर कड़ा विरोध दर्ज कराने, मृतक नाविकों के परिजनों को उचित मुआवजा एवं सहायता उपलब्ध कराने तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राजनयिक प्रयासों के माध्यम से निष्पक्ष जांच सुनिश्चित कराने की मांग की गई।
ज्ञापन सौंपने के बाद आयोजित सभा को संबोधित करते हुए माकपा के जिला सचिव शेष मणि ने कहा कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में भारतीय नागरिकों की मौत अत्यंत दुखद और निंदनीय है। उन्होंने कहा कि विश्व स्तर पर बढ़ती सैन्य आक्रामकता और साम्राज्यवादी हस्तक्षेप के कारण निर्दोष नागरिकों की जान जा रही है। भारत सरकार को इस मामले में अमेरिकी प्रशासन के समक्ष सशक्त ढंग से अपना विरोध दर्ज कराना चाहिए तथा मृतक भारतीय नाविकों के परिवारों के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
भाकपा के जिला सचिव अशर्फीलाल ने कहा कि भारतीय नागरिकों के जीवन और सम्मान की रक्षा करना सरकार का दायित्व है। उन्होंने कहा कि इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती।
भाकपा (माले) के जिला संयोजक राम लौट ने कहा कि साम्राज्यवादी नीतियां विश्व शांति के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुद्री क्षेत्रों में कार्यरत भारतीय नागरिकों और नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
प्रदर्शन में माकपा के पूर्व जिला सचिव रामगढ़ी चौधरी, के.के. तिवारी, रामदयाल, नवनीत यादव, नरसिंह भारद्वाज, धीरज सिंह, शिवचरण निषाद, रामकेश, विजेंदर, शंकर दास, बिफई, राम अंजोर, मिसलावती, सरोज सहित बड़ी संख्या में वामपंथी कार्यकर्ता मौजूद रहे।









