देश में सालों से रेंग रही लचर परीक्षा प्रणाली का नतीजा अब केवल पेपर लीक के रूप में सामने नहीं आ रहा, बल्कि यह युवाओं के सपनों के कत्लेआम का वो अंतहीन सिलसिला बन चुका है जो अब थमने का नाम नहीं ले रहा. प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार लगती सेंध का ये जख्म अब देश के करोड़ों नौजवानों के सीने पर एक ऐसा ‘नासूर’ बन चुका है, जिसने होनहारों को मौत के गले लगाने पर मजबूर कर दिया है.
NEET UG 2026 परीक्षा कैंसिल होने और दोबारा परीक्षा के तनाव के बीच कर्नाटक की 18 वर्षीय भाग्यश्री ने अपनी जान ले ली. 12वीं में 92 प्रतिशत अंक लाने वाली भाग्यश्री की मौत ने पूरे देश को झकझोर दिया है. सोशल मीडिया पर लोग परीक्षा प्रणाली की खामियों और पेपर लीक की घटनाओं पर गहरा आक्रोश जता रहे हैं.











