दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा दिल्ली हाई कोर्ट की न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा को पत्र लिखकर उन पर अविश्वास प्रकट करने की कड़ी निंदा की है।
उन्होंने कहा कि अब यह साफ है कि अरविंद केजरीवाल को न्यायपालिका के प्रति कोई विश्वास नहीं है। दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि यह अत्यंत दुखद है कि केजरीवाल जिस संविधान की शपथ लेकर तीन बार दिल्ली के मुख्यमंत्री बने थे, आज सिर्फ भ्रष्टाचार की सजा मिलने के भय से उसी संविधान की गरिमा को तार तार कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘संविधान एवं कानूनी प्रक्रिया के अनुसार, केजरीवाल ने सर्वोच्च न्यायालय सहित सभी स्तर पर हरसंभव कानूनी राहत पाने के लिए प्रयास किया पर असफल रहने के बाद अब फिर न्यायमूर्ति को पत्र लिखकर अराजकता की हर सीमा पार की है। केजरीवाल अब कह रहे हैं, मैं गांधी जी के सत्याग्रह की राह पर चलूंगा तो वह बतायें की क्या शराब घोटाला, मुख्यमंत्री आवास नवीनीकरण घोटाला या अन्य भ्रष्टाचार महात्मा गांधी की दिखाई किसी राह पर चलकर किये थे?’
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने कहा है कि यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगा कि अरविंद केजरीवाल लगातार शराब घोटाले मामले पर राजनीतिक नौटंकी कर रहे हैं और दिल्ली हाई कोर्ट में न्यायिक अपील हारने के बाद अब आराजकता की हर सीमा पार करके न्यायमूर्ति पर निजी आक्षेप लगा रहे हैं। दिल्ली एवं देश की जनता अरविंद केजरीवाल की आराजक नौटंकी को बखूबी समझ रही है, बेहतर होगा कि वह यह नौटंकी छोड़कर संविधानिक न्यायिक प्रक्रिया का पालन करें।













