नई दिल्ली में सोमवार को राज्यसभा में बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला। राज्यसभा के चेयरमैन सी.पी. राधाकृष्णन ने आम आदमी पार्टी (AAP) के सात सांसदों के भारतीय जनता पार्टी (BJP) में विलय को आधिकारिक मंजूरी दे दी। इस फैसले के बाद उच्च सदन में AAP की ताकत घटकर सिर्फ तीन सांसदों तक रह गई है।
वहीं, इस बदलाव से BJP को सीधा फायदा हुआ है और उसकी संख्या राज्यसभा में बढ़कर 113 पहुंच गई है। इसके साथ ही NDA का आंकड़ा 148 पहुंच गया। वहीं, जिन सात सांसदों का BJP में विलय हुआ है, उनमें राघव चड्ढा, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, संदीप पाठक, विक्रमजीत साहनी, स्वाति मालीवाल और राजिंदर गुप्ता शामिल हैं।
अब राज्यसभा की आधिकारिक वेबसाइट पर भी इन सभी को BJP सांसदों की सूची में दिखाया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, इन सांसदों ने शुक्रवार को चेयरमैन से अनुरोध किया था कि उन्हें विलय के बाद BJP के सदस्य के रूप में मान्यता दी जाए। चेयरमैन ने उनकी इस मांग को स्वीकार कर लिया।
हालांकि, इससे पहले आम आदमी पार्टी ने इन सातों सांसदों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। पार्टी ने राज्यसभा चेयरमैन के समक्ष याचिका दायर कर उनकी सदस्यता रद्द करने की अपील की थी।














