स्थान – बस्ती, उत्तर प्रदेश
कलवारी थाना क्षेत्र के उमरिया गांव में तीन दलित किशोरियों के साथ छेड़खानी और जातिसूचक गालियों का मामला सामने आया है। पीड़ित परिवार ने शुक्रवार को ग्रामीणों और भीम आर्मी के पदाधिकारियों के साथ पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।

ग्राम उमरिया निवासी अंगद पुत्र नेबूलाल ने आरोप लगाया कि 29 अप्रैल को उसकी तीन बेटियां गांव के बाहर बकरी चरा रही थीं, तभी गांव के ही तीन सवर्ण युवक – दिलीप पाण्डेय, दुष्यंत पाण्डेय और रामजी पाण्डेय – वहां पहुंचे और किशोरियों के साथ छेड़खानी की। आरोप है कि उन्होंने जातिसूचक गालियां दीं और धमकी दी कि यदि घर पर कुछ बताया गया तो परिजनों को जान से मार देंगे।
इस मामले को लेकर भीम आर्मी के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य कमलेश सचान, मण्डल सह संयोजक अजय आजाद और अन्य लोगों के साथ पीड़ित परिवार ने एसपी कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। भीम आर्मी के नेता कमलेश सचान ने कहा कि यदि दलित बेटियों को न्याय नहीं मिला तो संगठन आंदोलन के लिए बाध्य होगा।
ज्ञापन सौंपने के दौरान राम जन्म चौधरी, शिवरतन अम्बेडकर, सत्य प्रकाश राव, डॉ. दीप चन्द, छोटेलाल सहित कई ग्रामीण और महिलाएं मौजूद रहीं। पीड़ित पक्ष ने दोषियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा
फिलहाल पुलिस प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों की नजरें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं।












