पश्चिम बंगाल सरकार ने महिलाओं को बड़ी राहत देते हुए राज्य सरकार द्वारा संचालित सभी बसों में मुफ्त यात्रा सुविधा लागू करने का ऐलान किया है। इस योजना को लेकर राज्य परिवहन विभाग ने आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है, जिसके अनुसार यह सुविधा 1 जून से पूरे राज्य में लागू होगी।
राज्य सरकार का कहना है कि इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक राहत देने के साथ-साथ सार्वजनिक परिवहन तक उनकी पहुंच को आसान बनाना और महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देना है। सरकार को उम्मीद है कि इससे बड़ी संख्या में कामकाजी महिलाओं, छात्राओं और ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को सीधा लाभ मिलेगा।
परिवहन विभाग द्वारा 21 मई को जारी अधिसूचना के अनुसार, राज्य सरकार द्वारा संचालित कम दूरी और लंबी दूरी की सभी सरकारी बसों में महिला यात्रियों को मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जाएगी। इसके लिए पात्र महिलाओं को विशेष स्मार्ट कार्ड जारी किए जाएंगे।
अधिसूचना में बताया गया है कि महिलाएं संबंधित बीडीओ (ब्लॉक विकास अधिकारी) या एसडीओ (उप मंडल अधिकारी) कार्यालयों के माध्यम से आवेदन कर सकेंगी। आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद महिलाओं को क्यूआर कोड, फोटो और लाभार्थी विवरण वाला स्मार्ट कार्ड प्रदान किया जाएगा, जिसका उपयोग बस यात्रा के दौरान किया जाएगा।
सरकार ने पहचान सत्यापन के लिए कई दस्तावेजों को मान्य किया है। इनमें आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, रोजगार कार्ड, आयुष्मान भारत स्वास्थ्य कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, पासपोर्ट, पेंशन दस्तावेज, केंद्र या राज्य सरकार तथा पीएसयू द्वारा जारी पहचान पत्र, स्कूल-कॉलेज और विश्वविद्यालयों के आईडी कार्ड शामिल हैं।
परिवहन विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जब तक महिलाओं को स्मार्ट कार्ड जारी नहीं हो जाते, तब तक वे वैध फोटो पहचान पत्र दिखाकर मुफ्त यात्रा सुविधा का लाभ उठा सकेंगी।
राज्य सरकार के इस फैसले को महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण सामाजिक और आर्थिक कदम माना जा रहा है। राजनीतिक और सामाजिक हलकों में इस योजना को लेकर चर्चा तेज हो गई है, वहीं आम महिलाओं के बीच इसे लेकर उत्साह देखने को मिल रहा है।















