बस्ती (न्यूज़ एक्सप्रेस लाइव डेस्क) —
बस्ती जिले में दलित उत्पीड़न के एक सनसनीखेज मामले ने प्रशासन की संवेदनहीनता को उजागर कर दिया है। पैकोलिया थाना क्षेत्र के दुलारपुर गांव निवासी दलित परिवार पिछले तीन दिनों से जिला मुख्यालय स्थित डीएम कार्यालय पर धरने पर बैठा है, लेकिन अब तक कोई जिम्मेदार अधिकारी उनकी सुध लेने तक नहीं पहुंचा।
मामला उस समय गरमा गया जब पीड़ित विजय कुमार ने पैकोलिया थानेदार धर्मेंद्र यादव पर गंभीर आरोप लगाए। विजय का आरोप है कि दबंग प्रधान श्यामसुंदर यादव ने उसकी पिटाई की, लेकिन जब वह एफआईआर दर्ज कराने थाने पहुंचा तो थानेदार ने उसकी बात सुनने की बजाय जातिसूचक गालियां दीं और थाने से भगा दिया।
विजय कुमार का कहना है कि SHO धर्मेंद्र यादव फरियाद सुनने के बजाय धमकाते हैं, और थाने पर बैठकर क्षेत्र में मनमानी कर रहे हैं। SHO यादव को पूर्व डीआईजी की कृपा से यह थाना मिला था, जिसके बाद से ही वे विवादों और चर्चाओं में बने हुए हैं।
स्थानीय लोग भी SHO की कार्यशैली से परेशान हैं, लेकिन कोई अधिकारी संज्ञान लेने को तैयार नहीं। धरना स्थल से दिन-रात अधिकारी निकलते हैं, लेकिन कोई भी दलित परिवार के पास रुककर उनकी बात सुनने की जहमत नहीं उठा रहा है।
बस्ती जिले के प्रशासन की चुप्पी और पुलिस की मनमानी इस मामले को और गंभीर बना रही है। यदि जल्द कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो यह मामला जिले की कानून व्यवस्था और सामाजिक न्याय पर एक बड़ा सवाल बन सकता है।
पूरा मामला:
- गांव: दुलारपुर, थाना पैकोलिया
- आरोपी: श्यामसुंदर यादव (प्रधान) और धर्मेंद्र यादव (SHO)
- पीड़ित: विजय कुमार (दलित)
- मुख्य आरोप: जातिसूचक गाली, मारपीट, FIR दर्ज न करना
- धरना स्थल: बस्ती डीएम कार्यालय परिसर
- धरना अवधि: तीन दिन से लगातार
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