पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच देशभर में ईंधन बचत को लेकर केंद्र और राज्य सरकारों की सक्रियता बढ़ गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद अब दिल्ली सरकार ने भी ईंधन खपत कम करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।
दिल्ली सरकार ने बुधवार को ‘मेरा देश, मेरा योगदान’ अभियान के तहत पहला “वर्क फ्रॉम होम डे” लागू किया। इसके तहत मुख्यमंत्री Rekha Gupta और सरकार के अधिकांश मंत्रियों ने घर से काम किया।
सरकार की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, केवल जरूरी सेवाओं से जुड़े विभागों और पहले से तय सरकारी कार्यक्रमों वाले मंत्रियों को ही सचिवालय आने की अनुमति दी गई। बाकी विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को अधिकतम संभव सीमा तक घर से काम करने की सलाह दी गई।
दिल्ली सरकार का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य ईंधन की खपत कम करना और राजधानी की सड़कों पर वाहनों का दबाव घटाना है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 90 दिनों का ‘मेरा देश, मेरा योगदान’ अभियान शुरू किया है, जिसके तहत आम लोगों से भी ईंधन बचाने में सहयोग करने की अपील की गई है।
इससे पहले सोमवार को सरकार ने ‘मेट्रो मंडे’ अभियान चलाया था। उस दिन करीब 78 हजार अतिरिक्त यात्रियों ने मेट्रो से सफर किया। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, कई मंत्रियों और मुख्य सचिव ने भी मेट्रो में यात्रा कर लोगों को सार्वजनिक परिवहन अपनाने का संदेश दिया था।
हालांकि, उस दिन सड़कों पर वाहनों की संख्या में बहुत ज्यादा कमी देखने को नहीं मिली थी। इसके बावजूद सरकार को उम्मीद है कि यदि आम जनता सहयोग करे तो ईंधन बचत अभियान को सफल बनाया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने लोगों से निजी वाहनों का कम इस्तेमाल करने और सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता देने की अपील की है।














