09 जुलाई, बस्ती।
देशव्यापी आवाहन पर केंद्रीय मजदूर, सेवा और कर्मचारी संगठनों द्वारा आहूत अखिल भारतीय आम हड़ताल बस्ती जनपद में प्रभावी रही। एटक (AITUC) के नेता अशर्फीलाल ने दावा किया कि बैंक, बीमा, बिजली, रसोइया, आशा, आंगनवाड़ी, शिक्षामित्र, खेत मजदूर, ई-रिक्शा चालक और मेडिकल सेल्स से जुड़े मजदूरों ने कार्य का बहिष्कार करते हुए हड़ताल में हिस्सा लिया।
सीटू (CITU) नेता कामरेड के के तिवारी ने बताया कि कार्य बहिष्कार के साथ-साथ बिजली कर्मचारी संघ एवं संयुक्त संघर्ष समिति के नेतृत्व में बिजली कार्यालय से जुलूस निकाला गया। वहीं, एलआईसी कार्यालय के समक्ष रसोइया, आशा, खेत मजदूर, किसान सभा, ई-रिक्शा चालकों और भाकियू से जुड़े लोग संयुक्त बैनर के तले इकट्ठा हुए।
प्रदर्शन का मार्ग और मुख्य पड़ाव:
यह जुलूस कटरा पानी की टंकी, न्याय मार्ग, एसपी कार्यालय, दीवानी कचहरी, शास्त्री चौक होते हुए जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा। वहाँ श्रम संहिता, बिजली के निजीकरण, प्राथमिक विद्यालयों की बंदी, योजना श्रमिकों व संविदा कर्मियों की वेतन विसंगति जैसे मुद्दों पर प्रदर्शन किया गया।
प्रदर्शनकारियों ने एमएसपी की कानूनी गारंटी और अन्य मांगों को लेकर संबंधित क़ानूनों की प्रतिकृतियों का दहन भी किया। इसके बाद 14 सूत्रीय मांग पत्र राष्ट्रपति महोदय को भेजने हेतु अतिरिक्त उप जिलाधिकारी को सौंपा गया।
जुलूस में भाग लेने वाले प्रमुख संगठन:
- सीटू, एटक से जुड़े संगठन
- भारतीय किसान यूनियन (भाकियू)
- किसान सभा
- बिजली कर्मचारी संघ
- संयुक्त संघर्ष समिति
- यूपीएमएसआरए
- आशा कर्मचारी यूनियन
- मिड-डे मील रसोइया कर्मचारी यूनियन
- ई-रिक्शा संचालक यूनियन
- ट्रेड यूनियन काउंसिल
- खेत मजदूर यूनियन
- पेंशनर्स एसोसिएशन
मुख्य मांगे:
- श्रम कोड बिल रद्द किया जाए
- बिजली विभाग का निजीकरण रोका जाए
- स्मार्ट मीटर योजना को वापस लिया जाए
- 26000 रुपये न्यूनतम वेतन (रसोइया, आशा, आंगनवाड़ी हेतु)
- 10000 रुपये मासिक पेंशन (रिटायर्ड कर्मियों हेतु)
- संविदा नीति रद्द कर कर्मियों को स्थायी किया जाए
- बीमा-बैंक जैसे सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण पर रोक
- मनरेगा का बजट 2 लाख करोड़ किया जाए
- 200 दिन काम और 600 रुपये मजदूरी सुनिश्चित की जाए
- 60+ नागरिकों को 7500 रुपये पेंशन
- किसानों को मुफ्त बिजली और एमएसपी की कानूनी गारंटी
प्रदर्शन में उपस्थित प्रमुख लोग:
अशर्फीलाल, के के तिवारी, के के श्रीवास्तव, गौरी शंकर चौधरी, राम सुरेमन, सुमन तिवारी, राकेश कुमार उपाध्याय, रंजीत श्रीवास्तव, नरेंद्र बहादुर उपाध्याय, ध्रुव चंद, राम अचल निषाद, संतोष कुमार यादव, श्रवण कुमार चौधरी, रविन्द्र कुमार, अनूप कुमार चौधरी, डॉ आरपी चौधरी, जय राम चौधरी, हृदय राम वर्मा, शेष्मणि, नवनीत यादव, शिव चरण निषाद, लक्ष्मी पांडे, शिवा जी, मंजू शुक्ला, विमला देवी, राम अजोरे, इंद्रावती सहित सैकड़ों मजदूर, महिला कार्यकर्ता और किसान साथी उपस्थित रहे।










