बस्ती। जनपद के सेकसरिया सरकारी कॉलेज परिसर में आयोजित ड्रीम लैंड मेला प्रदर्शनी इन दिनों विवादों के केंद्र में आ गई है। स्थानीय नागरिकों और कुछ दुकानदारों द्वारा मेले में पार्किंग शुल्क और दुकान संचालन को लेकर अनियमितताओं तथा कथित अवैध वसूली के आरोप लगाए जा रहे हैं। मामले को लेकर प्रशासनिक कार्रवाई की मांग भी तेज हो गई है।
मेले में आने वाले कई लोगों का आरोप है कि पार्किंग व्यवस्था के नाम पर वाहनों से निर्धारित शुल्क से अधिक राशि वसूली जा रही है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही कुछ पार्किंग पर्चियों को लेकर भी चर्चाओं का दौर जारी है। लोगों का कहना है कि सरकारी संस्थान के मैदान में संचालित इस मेले में पार्किंग शुल्क की पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए।
वहीं, कुछ दुकानदारों ने भी आरोप लगाया है कि मेला परिसर में दुकान लगाने के लिए उनसे अपेक्षा से अधिक शुल्क लिया जा रहा है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन मामले ने स्थानीय स्तर पर बहस छेड़ दी है। कई व्यापारियों का कहना है कि यदि कोई शुल्क निर्धारित है तो उसकी स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए।
स्थानीय लोगों का मानना है कि सरकारी भूमि पर आयोजित किसी भी व्यावसायिक गतिविधि में नियमों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं का पूरी तरह पालन होना चाहिए। उनका कहना है कि यदि कहीं अनियमितता हो रही है तो इसकी निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
मामले को लेकर प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। वहीं नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने जिला प्रशासन से पूरे प्रकरण की जांच कराने तथा पार्किंग और अन्य शुल्कों की वैधता की पड़ताल करने की मांग की है।
फिलहाल ड्रीम लैंड मेला प्रदर्शनी को लेकर उठे इन सवालों ने स्थानीय प्रशासन और संबंधित अधिकारियों की भूमिका को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच के बाद प्रशासन क्या कदम उठाता है।












