रक्षाबंधन भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का प्रतीक पर्व है, जो हर साल सावन मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। इस दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र (राखी) बांधती हैं, तिलक लगाकर आरती उतारती हैं और उनके सुख-समृद्धि की कामना करती हैं। भाई भी बहनों को उपहार देकर उनकी रक्षा का वचन देते हैं।
इस साल कब है रक्षाबंधन?
रक्षाबंधन का पर्व इस बार 9 अगस्त 2025, शनिवार को मनाया जाएगा। इस बार का रक्षाबंधन विशेष इसलिए भी है क्योंकि सालों बाद कई शुभ संयोग एक साथ बन रहे हैं, जिससे यह दिन और भी पावन और प्रभावशाली बन गया है।
राखी बांधने का कुल शुभ मुहूर्त – 7 घंटे 49 मिनट
राखी बांधने के लिए सबसे उत्तम समय सुबह 5:35 से दोपहर 1:24 बजे तक का रहेगा। इस समय के भीतर राखी बांधना अत्यंत शुभ माना गया है।
अन्य विशेष मुहूर्त जो इस रक्षाबंधन को बना रहे हैं खास:
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:22 से 5:05 बजे तक
- अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:17 से 12:53 बजे तक
- सौभाग्य योग: सुबह 4:08 बजे से शुरू होकर 10 अगस्त तड़के 2:15 बजे तक
- स्वार्थ सिद्ध योग: 9 अगस्त को दोपहर 2:30 बजे से शुरू होगा
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इन सभी शुभ संयोगों के कारण रक्षाबंधन का पूरा दिन ही शुभ और मांगलिक कार्यों के लिए उत्तम है।
राहुकाल में राखी बांधने से बचें
भले ही पूरा दिन शुभ है, लेकिन राहुकाल में राखी बांधना वर्जित माना गया है।
इस दिन राहुकाल का समय सुबह 9:07 से 10:45 बजे तक रहेगा।
इस दौरान राखी बांधने से बचना चाहिए।
किन मूर्तियों के सामने राखी न बांधें?
मान्यता है कि अशुभ मूर्तियों या टूटी-फूटी प्रतिमाओं के सामने राखी बांधना उचित नहीं होता। पूजा स्थल को साफ-सुथरा और सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर रखना चाहिए।
निष्कर्ष:
इस बार रक्षाबंधन का पर्व अपने साथ अद्भुत संयोग और शुभ योग लेकर आया है। सही समय, सही दिशा और श्रद्धा से बहनें राखी बांधें, तो न सिर्फ भाई का जीवन समृद्ध होगा, बल्कि पारिवारिक सुख-शांति भी बनी रहेगी। बस ध्यान रहे — राहुकाल में राखी न बांधें और पूजा घर की पवित्रता बनाए रखें।
News Xpress Live की ओर से आप सभी को रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएँ!















