बस्ती। महान क्रांतिकारी, प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक एवं स्वतंत्रता संग्राम के अग्रणी सेनानी विनायक दामोदर ‘वीर’ सावरकर की जयंती के पावन अवसर पर बस्ती में राष्ट्रभक्ति और वैदिक संस्कृति का अनुपम संगम देखने को मिला। आर्य समाज एवं आर्य वीर दल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में वीर सावरकर के त्याग, बलिदान और राष्ट्र समर्पण को श्रद्धापूर्वक नमन किया गया।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण भारत स्वाभिमान ट्रस्ट, हरिद्वार यूनिट बस्ती के योगाचार्य गरुण ध्वज पाण्डेय के सानिध्य में संपन्न हुआ भव्य वैदिक यज्ञ रहा। यज्ञ के माध्यम से राष्ट्र की उन्नति, सामाजिक समरसता और विश्व कल्याण की कामना की गई। वैदिक मंत्रोच्चार से पूरा वातावरण भक्तिमय एवं राष्ट्रभावना से ओत-प्रोत हो उठा।

इस अवसर पर योगाचार्य गरुण ध्वज पाण्डेय ने कहा कि वीर सावरकर का जीवन संघर्ष, साहस और राष्ट्रभक्ति की अद्वितीय मिसाल है। उन्होंने सावरकर के ‘हिंदुत्व’ और ‘राष्ट्र-धर्म’ के सिद्धांतों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका जीवन केवल इतिहास का एक अध्याय नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का एक अमूल्य स्रोत है।
कार्यक्रम में उपस्थित भारत स्वाभिमान ट्रस्ट, बस्ती के कोषाध्यक्ष नवल किशोर चौधरी ने कहा कि वीर सावरकर ने देश की स्वतंत्रता के लिए अंडमान की कालापानी जैसी कठोर यातनाएं सहन कीं। उनका जीवन संदेश देता है कि राष्ट्रहित सर्वोपरि है और देश सेवा से बढ़कर कोई धर्म नहीं है।
शिक्षक अनूप कुमार त्रिपाठी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि आज के भारत को वीर सावरकर जैसे प्रखर राष्ट्रवादी विचारकों की वैचारिक चेतना की आवश्यकता है। उनके विचार युवा पीढ़ी को राष्ट्र के प्रति समर्पण और कर्तव्यबोध की प्रेरणा देते हैं।

वहीं शिक्षक नितीश कुमार ने वीर सावरकर के सामाजिक सुधार कार्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे केवल क्रांतिकारी ही नहीं, बल्कि एक महान समाज सुधारक भी थे। उन्होंने छुआछूत और सामाजिक भेदभाव के विरुद्ध आवाज उठाकर समाज को एकता के सूत्र में बांधने का ऐतिहासिक कार्य किया।
कार्यक्रम के अंत में सभी वक्ताओं ने देशवासियों को वीर सावरकर जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उनके ‘स्वतंत्र, सशक्त और स्वाभिमानी भारत’ के सपने को साकार करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण में प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।
इस अवसर पर आर्य समाज एवं आर्य वीर दल के कार्यकर्ताओं सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने वीर सावरकर के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके आदर्शों पर चलने तथा राष्ट्र सेवा के लिए सदैव तत्पर रहने का संकल्प लिया।









