बस्ती। रुधौली ब्लॉक की ग्राम पंचायत पैड़ा में मनरेगा के तहत कराए जा रहे चकमार्ग निर्माण कार्यों में कथित अनियमितताओं और सरकारी धन के दुरुपयोग के आरोप सामने आए हैं। आरोप है कि चकमार्ग निर्माण कार्यों में बड़ी संख्या में मजदूरों की उपस्थिति मनरेगा पोर्टल पर दर्ज की गई, जबकि मौके पर मजदूर कार्य करते नहीं दिखाई दिए।
जानकारी के अनुसार, वकील के चक से फूलचंद के चक तक तथा असगर से मणि सरहद तक निर्माणाधीन चकमार्गों पर मनरेगा पोर्टल में कुल 119 मजदूरों की उपस्थिति दर्ज दिखाई गई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि स्थलीय निरीक्षण के दौरान कार्यस्थल पर अपेक्षित संख्या में मजदूर मौजूद नहीं मिले, जिससे फर्जी हाजिरी और वित्तीय अनियमितताओं की आशंका गहरा गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि मनरेगा पोर्टल पर दोनों कार्य सक्रिय दिखाए जा रहे हैं, लेकिन धरातल पर कार्य की गति और मजदूरों की उपस्थिति रिकॉर्ड से मेल नहीं खाती। आरोप है कि मजदूरों की फर्जी उपस्थिति दर्ज कर सरकारी धन के भुगतान की प्रक्रिया को अंजाम दिया जा रहा है।
स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि प्रधान, सचिव तथा अन्य जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत से मनरेगा योजना में भ्रष्टाचार का खेल चल रहा है। हालांकि इन आरोपों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि पूरे मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए तो कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। साथ ही मनरेगा कार्यों की पारदर्शिता और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
इस प्रकरण को लेकर पंचायत से लेकर ब्लॉक स्तर तक जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर निगाहें टिकी हुई हैं। क्षेत्रीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है।
अब देखना यह होगा कि संबंधित विभाग इन आरोपों को कितनी गंभीरता से लेता है और जांच के बाद क्या कार्रवाई सामने आती है। फिलहाल ग्राम पंचायत पैड़ा में मनरेगा कार्यों को लेकर उठे सवाल चर्चा का विषय बने हुए हैं।









