गुरुवार रात को जूनागढ़ जिले के मालिया हाटी तालुका के खंभालिया गांव में एक भव्य लोक नृत्य का आयोजन किया गया, जिसमें संस्कृति और दान का एक अनोखा संगम देखने को मिला। एक धार्मिक कार्यक्रम में आयोजित लोक नृत्य में लोक गायकों पर इतने ज्यादा नोटों की बारिश की गई कि कलाकार नोटों के ढेर के नीचे दब गए।
जानकारी के अनुसार, खंभालिया में श्रीमद् भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ चल रहा है, जिसके एक हिस्से के तौर पर आज रात लोक नृत्य का आयोजन किया गया। जब मशहूर गायक माया भाई अहीर और गोपाल भाई ने नृत्य में अपनी प्रस्तुति दी, तो भक्त और श्रोता उनकी धुनों में खो गए और पूरा इलाका हैरान रह गया। इस लोक डायरा में लोग कलाकारों पर नोटों की बारिश करते रहे, जिससे कलाकार नोटों के ढेर के नीचे दब गए।
इस दान और लोक डायरा के वीडियो आजकल सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहे हैं, और लोग इस नेक काम की जमकर तारीफ कर रहे हैं। लोगों के उत्साह के बीच, मंच से 10, 20, 100 और 500 रुपये के नोटों की बारिश होने लगी, जिससे पूरा मंच नोटों से भर गया। गुजरात के लोक डायरा कार्यक्रमों में कलाकारों पर नोट बरसाने की परंपरा पुरानी है, लेकिन खंभालिया में आयोजित इस डायरा के पीछे का मकसद बेहद नेक और प्रेरणादायक है।
कार्यक्रम के आयोजकों ने बताया कि इस डायरा से जो भी रकम जमा हुई है, उसमें से कार्यक्रम के प्रशासनिक और प्रबंधन खर्चों को काटने के बाद, बाकी बची सारी रकम ‘अहीर चैरिटेबल ट्रस्ट’ को सौंप दी जाएगी। इस रकम और दान का इस्तेमाल लड़कियों की शिक्षा के लिए किया जाएगा।
इस राशि से अहमदाबाद में ‘गुजरात अहीर गर्ल्स हॉस्टल’ और एक आधुनिक शैक्षणिक परिसर का निर्माण किया जाएगा। लड़कियों की उच्च शिक्षा और उनके उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखकर आयोजित किए गए इस नेक काम की पूरे इलाके में खूब सराहना हो रही है।













