चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि ईवीएम के बटन पर इत्र, गोंद या किसी भी तरह का पदार्थ लगाना छेड़छाड़ माना जाएगा और यह चुनावी अपराध है। हाल के दिनों में यह दावा सामने आया था कि कुछ राजनीतिक कार्यकर्ता यह पता लगाने के लिए ऐसा करते हैं कि वोट उनके पक्ष में पड़ा है या नहीं। मंगलवार को अधिकारियों ने कहा कि अगर किसी मतदान केंद्र पर ऐसी कोई हरकत सामने आती है, तो वहां के पीठासीन अधिकारी को तुरंत सेक्टर अधिकारी या रिटर्निंग अधिकारी को इसकी जानकारी देनी होगी।
यह निर्देश तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में 23 अप्रैल को होने वाले मतदान से पहले दिए गए हैं। चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने कहा कि ऐसे मामलों में आयोग सख्त कार्रवाई करेगा और जरूरत पड़ने पर दोबारा मतदान (री-पोल) का आदेश भी दिया जा सकता है। अधिकारियों ने सभी मतदान केंद्रों के पीठासीन अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे यह सुनिश्चित करें कि ईवीएम के सभी उम्मीदवारों के बटन साफ और स्पष्ट दिखाई दें।
किसी भी बटन पर टेप, गोंद या अन्य कोई चीज नहीं लगी होनी चाहिए। उन्होंने यह भी साफ किया कि बैलेट यूनिट के बटन पर किसी भी तरह का रंग, स्याही, इत्र या रसायन नहीं लगाया जा सकता, क्योंकि इससे वोट की गोपनीयता प्रभावित हो सकती है। अगर इस तरह की कोई गड़बड़ी पाई जाती है, तो पीठासीन अधिकारी तुरंत उच्च अधिकारियों को इसकी जानकारी देंगे। चुनाव आयोग के अनुसार, इस तरह के सभी मामले ईवीएम से छेड़छाड़ या हस्तक्षेप की श्रेणी में आएंगे, जो एक गंभीर चुनावी अपराध है। इस तरह के मामलों में चुनाव आयोग द्वारा कार्रवाई भी की जाएगी।














