जनपद में गंभीर सूखे की स्थिति से मचा हाहाकार
कृषकों की दुर्दशा पर जताई गहरी चिंता, SDRF राहत पैकेज की मांग तेज़
उत्तर प्रदेश के बस्ती जनपद में इस वर्ष बारिश की भारी कमी के कारण सूखे जैसे हालात बन गए हैं। इसी के मद्देनज़र ग्राम पंचायत मरहा के ग्राम प्रधान प्रतिनिधि अखिल कुमार यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक खुला पत्र लिखकर जनपद को सूखा ग्रस्त घोषित किए जाने की मांग की है।
उन्होंने पत्र के माध्यम से कृषि संकट की भयावहता की ओर शासन का ध्यान आकृष्ट किया है। पत्र में उल्लेख किया गया है कि इस वर्ष मानसून के आगमन में भारी देरी हुई, और अब तक हुई वर्षा सामान्य औसत से बहुत कम रही है। इसका सीधा असर किसानों की खरीफ फसल, विशेष रूप से धान की खेती पर पड़ा है। यादव ने बताया कि किसान अपने सीमित संसाधनों के माध्यम से किसी तरह बुवाई कर पाए,
लेकिन पर्याप्त वर्षा न होने के कारण फसलें सूखने लगी हैं। उन्होंने पत्र में यह भी कहा कि “सिंचाई के वैकल्पिक साधनों की सीमित उपलब्धता और डीजल-पेट्रोल की बढ़ती कीमतों ने किसानों की चिंता को और गहरा कर दिया है। यदि शीघ्र राहत नहीं मिली तो अन्न उत्पादन ठप हो जाएगा और कृषकों की आजीविका संकट में आ जाएगी।
ग्राम प्रधान प्रतिनिधि ने मुख्यमंत्री से यह मांग की है कि जनपद बस्ती को सूखा ग्रस्त क्षेत्र घोषित करते हुए किसानों को राज्य आपदा राहत कोष (SDRF) के अंतर्गत राहत दी जाए तथा ऋण माफी या ऋण स्थगन, निःशुल्क खाद-बीज, और सिंचाई के लिए विशेष पैकेज की भी घोषणा की जाए। उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील करते हुए कहा कि, “आप अपने संवेदनशील नेतृत्व में किसानों को इस संकट से उबारने हेतु त्वरित निर्णय लें और बस्ती जनपद की इस आपदा पर संज्ञान लें।”
सोशल मीडिया पर भी #बस्तीसूखाघोषितहो, #किसानबचाओ, #SDRF_राहत जैसे हैशटैग के साथ यह मांग तेज़ी से वायरल हो रही है। कई स्थानीय जनप्रतिनिधि, किसान नेता और सामाजिक कार्यकर्ता भी इस मांग का समर्थन कर रहे हैं। यदि राज्य सरकार जल्द निर्णय नहीं लेती, तो आने वाले समय में बस्ती के हज़ारों किसान भारी संकट में आ सकते हैं।















