सूडान में जारी गृहयुद्ध के बीच लोग जिंदा रहने के लिए काफी जद्दोजहद कर रहे हैं. यहां सिर्फ सेना और विद्रोही अर्धसैनिक बलों की गोलियों से बचना भर ही जीवित रहने की शर्त नहीं है.
भुखमरी और अकाल भी लोगों को धीरे-धीरे मार रही है. हालात ऐसे हो गए हैं कि लोग अपनी भूख मिटाने के लिए घास और खरपतवार खाने को मजबूर हो रहे हैं. एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सूडान के कई इलाकों में भूखमरी का आलम ऐसा है कि लोग जंगली पौधों और खरपतवारों को नमक के साथ उबाल कर अपने बच्चों को पिला रहे हैं,
ताकि उनकी भूख शांत हो सके. भोजन के लिए संघर्ष कर रहे लोगों में 60 वर्षीय सेवानिवृत्त एक स्कूल शिक्षक ने अपना नाम नहीं छापने की शर्त पर यहां के हालात की जानकारी दी.

उन्होंने बताया कि सूडान में लोगों को खाना नहीं मिल रहा है. लोग अपनी भूख मिटाने के लिए अब घास और जंगली पौधों पर निर्भर हो गए हैं. खदीजा कोरो नामक एक पौधा इन दिनों भूखे लोगों के लिए बड़ा सहारा बन गया है.
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