जनपद बस्ती के गौर थाना क्षेत्र के ग्राम तरैनी निवासी राममनोरथ ने अपने पिता गालुर यादव की मौत को चिकित्सीय लापरवाही का नतीजा बताया है और जिलाधिकारी बस्ती को एक शिकायती पत्र सौंपते हुए दोषी डॉक्टरों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, राममनोरथ ने बताया कि दिनांक 21 जुलाई 2025 को उनके पिता को पेट दर्द की शिकायत के बाद किरन सर्जिकल सेंटर (मालवीय रोड, बस्ती) में भर्ती कराया गया था, जहां डॉ. एस.पी. चौधरी ने खून, पेशाब और अल्ट्रासाउंड की जांच करवाई। जांच के बाद मरीज को लीवर में फोड़ा होने की बात कही गई और ऑपरेशन का सुझाव दिया गया। डॉ. राजेश पासवान (केयर डायग्नोस्टिक सेंटर) द्वारा उसी रात 9 बजे ऑपरेशन किया गया और आधा लीटर मवाद निकाला गया। ऑपरेशन के नाम पर नगद ₹30,000 की वसूली की गई लेकिन उसकी कोई रसीद या बिल नहीं दिया गया।
राममनोरथ के अनुसार ऑपरेशन के बाद उनके पिता को फिर से किरन सर्जिकल सेंटर में भर्ती किया गया, जहां 22 जुलाई को पूरे दिन बिना इलाज के वे तड़पते रहे। कई बार डॉक्टर को कॉल करने के बावजूद वे देखने नहीं आए और अंततः 23 जुलाई को दोपहर 12 बजे मरीज ने दम तोड़ दिया।
प्रार्थी ने आरोप लगाया कि न तो ऑपरेशन के बाद डॉक्टर मरीज को देखने आए, न ही स्टाफ द्वारा उचित इलाज किया गया। यह साफ तौर पर चिकित्सीय लापरवाही का मामला है। राममनोरथ ने जिलाधिकारी से निवेदन किया है कि दोषी डॉक्टरों – डॉ. एस.पी. चौधरी और डॉ. राजेश पासवान – के खिलाफ जांच कराकर आपराधिक मुकदमा दर्ज किया जाए और दोनों अस्पतालों को तत्काल प्रभाव से सील किया जाए।
news xpress live















