बस्ती जिले के बहादुरपुर विकासखंड में सुभावपुर (कुदरहा) से सोंधिया घाट तक बनी नहर में 20 वर्षों से पानी नहीं आया है। यह नहर 2006 से पहले खोदी गई थी।
स्थानीय किसानों ने सरकारी लापरवाही और संसाधनों के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। नहर कनैला की ओर जाती है। आज तक इसमें एक बूंद पानी नहीं बहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि हर वर्ष नहर की सफाई कराई जाती है। लेकिन उसका कोई लाभ नहीं मिल रहा है। मुख्य नहर से पानी छोड़ने की व्यवस्था ही नहीं है।
यह नहर शेखपुरा, कनैला खास, विशेनपुर, लोनहा और रामपुर ग्राम पंचायतों के किसानों के लिए सिंचाई का मुख्य स्रोत बन सकती थी। लेकिन पानी न आने से किसान परेशान हैं।
शेखपुरा निवासी संदीप सैनी ने बताया, “हमारे बचपन में सेमुआपुर से निकलने वाली यह नहर बनी थी। अब मेरी उम्र 30 के पार है। लेकिन इस नहर में आज तक पानी नहीं देखा।”
उन्होंने कहा कि सरकार ने इसमें जो खर्च किया, उसका किसानों को कोई लाभ नहीं मिला।
राम मनोहर ने बताया कि यह नहर सेमुआपुर स्थित बड़ी नहर की शाखा है। लेकिन इसमें आज तक पानी नहीं छोड़ा गया। हर साल सफाई के नाम पर सिर्फ सरकारी धन बर्बाद हो रहा है।
मोहम्मद अजमेर अली ने कहा कि गर्मी के दिनों में किसानों को पानी की सख्त जरूरत होती है। यदि इस नहर में पानी आता तो सैकड़ों किसान लाभांवित हो सकते थे।
फूलचंद ने कहा, “जब नहर में कभी पानी ही नहीं आया, तो हम क्या कर सकते हैं? सरकार तो हमारी सुनती नहीं।”
ग्रामीणों ने सरकार और सिंचाई विभाग से मांग की है कि नहर की पुनः जांच कराई जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि इसमें जल्द से जल्द पानी पहुंचे। ताकि वर्षों से सूखी पड़ी यह नहर किसानों के लिए वास्तव में उपयोगी साबित हो सके।
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