न्यूयॉर्क शहर के मेयर जोहरान ममदानी की पत्नी और शहर की प्रथम महिला रमा दुवाजी जांच के दायरे में आ गई हैं। रमा दुवाजी पर नस्लीय टिप्पणी और फलिस्तीनी उग्रवादी नेताओं के समर्थन में पोस्ट करने के आरोप लगे हैं।
वाशिंगटन फ्री बीकन की रिपोर्ट में 28 वर्षीय रमा दुवाजी की 2013 से 2017 के बीच सोशल मीडिया पोस्ट के बारे में बताया गया है। वाशिंगटन फ्री बीकन की रिपोर्ट के मुताबिक, रमा दुवाजी ने अपनी किशोरावस्था के अंतिम वर्षों में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स और Tumblr के अकाउंट से विवादित पोस्ट शेयर किए। रिपोर्ट के अनुसार, रमा दुवाजी ने 2013 में, सोशल मीडिया पोस्ट में एक नस्लीय गाली का इस्तेमाल किया।
उस समय उनकी उम्र करीब 15 साल रही होगी। रिपोर्ट में पॉपुलर फ्रंट फॉर द लिबरेशन ऑफ पैलेस्टाइन (PFLP) से जुड़े लोगों की प्रशंसा करने वाली पोस्ट के बारे में भी बताया गया है। अमेरिका इसे एक आतंकवादी संगठन मानता है। रमा दुवाजी ने 2013 से 2017 के बीच एक पोस्ट रीशेयर किया था।
इस पोस्ट में लिखा था, ‘तेल अवीव को धिक्कार है। उसे तो अस्तित्व में ही नहीं होना चाहिए। वे कब्जा करने वाले हैं।’ रिपोर्ट में दुवाजी के सोशल मीडिया पर शेयर किए गए कई पोस्ट के बारे में भी जानकारी दी गई है। दुवाजी ने एक और पोस्ट रीशेयर किया था, जिसमें लिखा था, ‘उन्हें दिखाओ कि फलस्तीन में रातोंरात पिंजरों में बंद, जिंदा जलाए गए और भूख से मर गए बच्चों को।
तेल अवीव।’ रिपोर्ट में अमेरिकी सेना और इजरायल की आलोचना करने वाली पोस्ट का जिक्र भी किया गया है। रमा दुवाजी का एक और पोस्ट सामने आया है, जिसमें उन्होंने अमेरिकी सेना के बारे में लिखा है कि ‘न तो वे बहादुर हैं और न ही किसी की आजादी के लिए लड़ रहे हैं।’















