बिहार। भरत भूषण तिवारी मुठभेड़ प्रकरण को लेकर मेधा पार्टी के केंद्रीय प्रवक्ता देवदयाल तिवारी ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भेजकर मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने तथा मृतक के परिजनों को न्याय दिलाने की मांग की है।
ज्ञापन में कहा गया है कि भोजपुर जनपद के शाहपुर थाना क्षेत्र के बेलौटी गांव निवासी भरत भूषण तिवारी की पुलिस द्वारा कथित मुठभेड़ में हत्या किए जाने का आरोप लगाया गया है। ज्ञापन के अनुसार, घटना से संबंधित एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि भरत भूषण तिवारी अपनी मांगों के संबंध में जिम्मेदार अधिकारियों के समक्ष बात रखने की शर्त पर हथियार छोड़ने को तैयार थे।
ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि प्रत्यक्षदर्शियों के कथनों के आधार पर मामले में पुलिस प्रशासन की भूमिका की निष्पक्ष जांच आवश्यक है। बताया गया कि संबंधित पुलिसकर्मियों को निलंबित किए जाने की सूचना है, लेकिन अब तक हत्या का मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है।
घटना के बाद क्षेत्र में व्यापक जनाक्रोश देखने को मिला। ज्ञापन के अनुसार, आक्रोशित लोगों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-92 (NH-92) को जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। इस मामले में मृतक के पिता काशीनाथ तिवारी, भाई चंदन तिवारी, बेलौटी गांव के मुखिया बलिराम यादव सहित 14 लोगों को नामजद तथा अन्य अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किए जाने की बात कही गई है।
देवदयाल तिवारी ने राष्ट्रपति से मांग की है कि मामले की उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए, दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए तथा मृतक के परिजनों को पांच करोड़ रुपये का मुआवजा प्रदान किया जाए। साथ ही मृतक के पिता, भाई और ग्राम प्रधान सहित अन्य लोगों के विरुद्ध दर्ज मुकदमों की समीक्षा कर निर्दोष लोगों को न्याय दिलाने की भी मांग की गई है।
ज्ञापन में आशा व्यक्त की गई है कि निष्पक्ष जांच के माध्यम से सत्य सामने आएगा और न्याय सुनिश्चित होगा।











