
किसी सुनहरे सपने की तरह
बांध लूं शब्दों में आज का ये पल,
नयनों की गहराईयों से छलकता स्नेह,
हृदय की धड़कनों में बसा अमूल्य स्वप्न।
जब सुबह की किरणें आपके चेहरे पर पड़े,
जैसे प्रेम की किरणें आत्मा को उजागर करें,
प्रकृति के मधुर गीतों की तरह,
हर एक शब्द में बसी हो आपकी सुंदरता।
चाँद की चांदनी में जब रात संवरती है,
तारों की चमक में बिखरी हो आपकी हंसी,
मन के अंधेरों में जगमगाए आपकी यादें,
हर पल में बस जाए आपकी मोहक छवि।
समर्पण का ये अनमोल गीत,
प्रेम की धारा में बहता रहे,
अद्वितीय हो हर एक क्षण,
आपकी मुस्कान में ढलता रहे।
यह एक अनोखी रचना,
शब्दों की मधुरता में बसी,
आपके मन की गहराइयों को छू सके,
प्रेम और सम्मान के साथ,
यह कविता आपके नाम रहे।
उम्मीद है आपको यह अनोखी कविता पसंद आई होगी।

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