बस्ती।
जहा सरकार एक तरफ जीरो टारलेंश का दावा करती है वही सरकार के कुछ कर्मचारी सरकार के जीरो टारलेंस के मंशा पर पानी फेर रहे है। जहां सरकार चकबंदी विभाग के कर्मचारीयों के माध्यम से किसानों को हर मूलभूत सुविधा देने का प्रयास कर रही है। लेकिन ग्राम अमरोली सुमाली तहसील भानपुर बस्ती में चकबंदी विभाग के अधिकारी सरकार की छवि को खराब करने मे लगे हुवे है।
चकबन्दी अधिकारी ग्रामीणों के बिरोध करने पर अपनी कमियों कों छिपाने के लिए सभी अभिलेखों को पानी मे भिगो कर नष्ट करने का प्रयास कर डाले। किसानों को जब अपने खेत के साथ हेरा-फेरी करने की जानकारी हुई और उनका अभिलेख से नाम ही गायब है। जब ग्रामीणों ने इस बात का विरोध करने लगे तो चकबंदी अधिकारी समस्त अभिलेखों को पानी में भिगो कर नष्ट करने का प्रयास करने लगे कि कहीं उनकी काली करतूत पकड़ी न जाए।
इस मामले कों लेकर जब जिले के उच्च अधिकारियों से शिकायत की गई,लेकिन किसानों की समस्या कों सभी ने सुनने कों इंकार कर दिया। वही उच्च अधिकारीयों का कहना है कि पहले लोग् अपने चेक की पैमाइश करा ले तत्पश्चात अभिलेख कों सही कर दिया जाएगा। जबकि ग्रामीणों का कहना है कि पहले अभिलेख सही हो जाए तो उसके बाद चेक पैमाइश हो। फर्जी हस्ताक्षर करने वाले अभिलेखो के साथ आखिर अधिकारी क्यो खिलवाड़ करने पर लगे हुवे है। वही ग्रामीणों का कहना है
कि अमरोली सोमाली के किसानों के साथ चकबंदी अधिकारी शोषण कर अभिलेखों कों बार-बार पानी में डुबाकर क्यो नष्ट करना चाह रहे है। किसानों का कहना है कि लंबित मुकदमे की सुनवाई के बगैर ही चेक पैमाइश की जा रही है बिना चेकडरो के सूचना के ही उनके चेकों का बंटवारा कर दिया जा रहा है और जो मुकदमे हैं उन पर तारीख पर तारीख दिया जा रहा है गलत तरीके से बंटवारा एक दिन में फाइनल हो जा रहा है और सही मुकदमे 4 सालों से पेंडिंग में पड़े हैं
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